विराट कोहली को आश्रम लाने के लिए 5 करोड़ खर्च करने का दावा, फलाहारी महाराज के बयान पर मचा बवाल

फलाहारी महाराज ने दावा किया है कि विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज से मिलाने के लिए 5 करोड़ खर्च हुए थे, जिसे कोहली की टीम ने खारिज कर दिया है।

वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत की पुलिस जांच के बीच एक और बड़ा मामला सामने आया है। वृंदावन के फलाहारी महाराज (दिनेश शर्मा) ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम तक लाने के लिए एक प्रॉपर्टी बिल्डर लॉबी और राजस्थान की निजी कंपनी द्वारा 5 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। हालांकि, इस दावे के सामने आने के बाद विराट कोहली की टीम और उनके प्रवक्ता ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा, निराधार और भ्रामक करार दिया है।

🎙️ फलाहारी महाराज के दावे और विराट के प्रवक्ता की तीखी प्रतिक्रिया

फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने दावा किया था कि इस पूरी मुलाकात का उद्देश्य प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता और प्रचार को और बढ़ाना था, जिसकी जानकारी वृंदावन के कई लोगों को है। उन्होंने महाराज की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई थी। इन दावों के तूल पकड़ने के बाद विराट कोहली के प्रवक्ता की ओर से आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया गया कि विराट कोहली संत प्रेमानंद महाराज के प्रति गहरी आस्था और श्रद्धा रखते हैं और वे पूरी तरह अपनी श्रद्धा के चलते उनके दर्शन करने जाते हैं। इन बयानों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस छिड़ गई है।

🔍 रसिक दुलारी की संदिग्ध मौत की भी जारी है जांच

उधर, दूसरी तरफ प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण (दीपक लोधी) की 25 सितंबर 2026 को हुई संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस गहनता से जांच कर रही है। मूल रूप से जबलपुर के रहने वाले रसिक दुलारी वृंदावन में आश्रम की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे, जिससे अत्यधिक खून बहने और गंभीर चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई थी। पुलिस इस पूरे मामले के हर पहलू को खंगालने में जुटी हुई है।

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