श्रीनगर में ड्यूटी के दौरान सीआरपीएफ इंस्पेक्टर मनोज कुमार का निधन, पैतृक गांव गोद में पसरा मातम

नारनौल के गोद गांव के रहने वाले सीआरपीएफ इंस्पेक्टर मनोज कुमार का श्रीनगर में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया है। परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।

देश की रक्षा और सुरक्षा में तत्पर हरियाणा के एक और वीर सपूत ने अपनी शहादत दी है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 144वीं बटालियन में बतौर इंस्पेक्टर (GD) अपनी सेवाएं दे रहे मनोज कुमार का श्रीनगर में ड्यूटी के दौरान अचानक निधन हो गया है। उनके इस आकस्मिक निधन की दुखद खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव गोद पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और हर आंख नम हो गई।

🎖️ सैनिक परिवार में हुआ था जन्म: साल 2001 में सीआरपीएफ में भर्ती होकर शुरू किया था देश सेवा का सफर

शहीद मनोज कुमार का जन्म 10 अक्टूबर 1976 को गोद गांव के एक प्रतिष्ठित सैनिक परिवार में पिता भगवान सिंह के घर हुआ था। देश सेवा का जज्बा उनके खून में रचा-ब बसा था, जिसके चलते वे वर्ष 2001 में ग्रुप सेंटर सीआरपीएफ कादरपुर (गुरुग्राम) से भर्ती होकर देश की रक्षा के लिए समर्पित हो गए थे। उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया।

⏳ कुछ दिन पहले ही छुट्टी काटकर लौटे थे ड्यूटी पर: पांच छोटे बच्चों को रोता-बिलखता छोड़ गए सीआरपीएफ इंस्पेक्टर

परिजनों ने बेहद गमगीन माहौल में बताया कि कुछ समय पहले श्रीनगर में ही उनके बहनोई का हार्ट अटैक से निधन हो गया था। इस दुखद घड़ी में वे 5 दिन की छुट्टी लेकर अपने घर आए थे और सभी पारिवारिक रस्में पूरी करने के बाद गत 4 सितंबर को ही वापस श्रीनगर अपनी ड्यूटी पर लौटे थे। किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि उनका यह लौटना आखिरी सफर साबित होगा। सीआरपीएफ इंस्पेक्टर मनोज कुमार अपने पीछे पत्नी सुमन और पांच छोटे बच्चों को रोता-बिलखता छोड़ गए हैं। उनके पार्थिव शरीर के पैतृक गांव पहुंचने पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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