समरसेट और ग्लेमोर्गन मैच में दिखा अनोखा नजारा, फील्डिंग की गलती से बल्लेबाज को मिला जीवनदान
काउंटी चैंपियनशिप मैच के दौरान फील्डिंग के नियम टूटने पर अंपायर ने दी अनोखी नो-बॉल। जानें क्या है क्रिकेट का यह नियम।
टांटन के कूपर एसोसिएट्स ग्राउंड पर खेले जा रहे काउंटी चैंपियनशिप मुकाबले के दूसरे दिन समरसेट ने शानदार बल्लेबाजी के दम पर मैच पर पूरी तरह शिकंजा कस लिया. बिना किसी नुकसान के 92 रन से आगे खेलते हुए मेजबान टीम ने अपनी पहली पारी में 441 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया और ग्लेमोर्गन के खिलाफ 247 रनों की पहली पारी की बढ़त हासिल की. इसके जवाब में दिन का खेल खत्म होने तक ग्लेमोर्गन ने अपनी दूसरी पारी में 1 विकेट के नुकसान पर 30 रन बनाए. इस मुकाबले के दौरान एक अनोखी नो-बॉल भी देखने के मिली.
क्रिकेट में देखने को मिली अनोखी नो-बॉल
इस मुकाबले के दूसरे दिन समरसेट के बाएं हाथ के बल्लेबाज टॉम लैमनबी ने एक शानदार पारी खेली. उन्होंने 173 गेंदों पर 95 रन बनाए, हालांकि वो सिर्फ 5 रनों से अपने शतक से चूक गए. लैमनबी की पारी के दौरान क्रिकेट नियमों से जुड़ा एक अनोखा ड्रामा भी देखने को मिला. 90 के फेर में पहुंचते ही लैमनबी दो बार तेज गेंदबाज डैन डाउथमैन की गेंदों पर विकेटकीपर के हाथों कैच आउट हुए, लेकिन दोनों ही बार अंपायर ने गेंद को नो-बॉल करार दिया.
एक बार तो गेंदबाज पैर की नो-बॉल फेंक बैठा. लेकिन दूसरे जीवनदान की वजह ग्लेमोर्गन के कप्तान की ओर से की गई फील्डिंग में बड़ी चूक बनी. दरअसल, क्रिकेट नियमों के तहत लेग साइड पर स्क्वायर लेग के पीछे ज्यादा से ज्यादा 2 खिलाड़ी ही खड़े हो सकते हैं, लेकिन ग्लेमोर्गन ने वहां 3 खिलाड़ी तैनात कर दिए थे. अंपायर की पैनी नजर ने इस तकनीकी गलती को पकड़ा और टॉम लैमनबी कैच आउट होकर भी बच गए.
क्या है बिहाइंड द स्क्वायर का नियम?
नियमों के मुताबिक, गेंदबाज जब गेंद फेंकने के लिए रन-अप पूरा करता है और गेंद रिलीज करता है, उस समय पॉपिंग क्रीज या स्क्वायर लेग के पीछे लेग साइड पर 2 से ज्यादा फील्डर तैनात नहीं हो सकते. इसकी बड़ी वजह गेंदबाजों को बॉडीलाइन जैसी खतरनाक गेंदबाजी से रोकना और बल्लेबाज की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है. लेकिन ग्लेमोर्गन ने एक ही समय पर लेग स्लिप, फाइन लेग और डीप स्क्वायर लेग पर फील्डर तैनात कर रखा था, जिसके चलते अंपायर को नो-बॉल देनी पड़ी.