सरकारी अस्पतालों में अब हाथ से लिखी लैब रिपोर्ट पर रोक, डिजिटल प्रिंट या टाइप रिपोर्ट होगी अनिवार्य

हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में अब हाथ से लिखी लैब रिपोर्ट जारी करने पर रोक लगा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने टाइप या प्रिंटेड रिपोर्ट देना अनिवार्य किया है।

हरियाणा के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में अब मरीजों को मिलने वाली लैब रिपोर्ट को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों और प्रयोगशालाओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे आगे से हाथ से लिखी हुई (हस्तलिखित) लैब रिपोर्ट जारी नहीं करेंगे। इसके स्थान पर केवल टाइप या डिजिटल प्रिंट की गई रिपोर्ट ही जारी की जाएगी। कुछ जिलों में अभी भी हस्तलिखित रिपोर्ट दिए जाने की शिकायतें सामने आने के बाद विभाग ने यह सख्त कदम उठाया है।

⚠️ मरीजों की सुरक्षा और गलत व्याख्या की आशंका को किया गया दूर: मुख्यमंत्री की बैठक में भी उठा था गंभीर मामला

जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला राज्य के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान भी उठाया गया था। स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक (DGHS) की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में बताया गया है कि हाथ से लिखी गई रिपोर्ट में कई बार लिखावट या आंकड़ों को पढ़ने में गलती होने की आशंका बनी रहती है, जिससे जांच के नतीजों की गलत व्याख्या हो सकती है और सीधे तौर पर मरीज की जान व सुरक्षा दांव पर लग सकती है। विभाग ने प्रदेश के सभी सिविल सर्जनों को अपने-अपने जिलों में इन आदेशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।

🚨 केवल आपात स्थिति या तकनीकी खराबी में ही मिलेगी विशेष छूट: देना होगा लिखित में व्यक्तिगत कारण और जिम्मेदारी का ब्योरा

विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि केवल किसी गंभीर आपात स्थिति (Emergency), तकनीकी खराबी, सिस्टम फेल होने या किसी अन्य बाध्यकारी परिस्थिति में ही हस्तलिखित रिपोर्ट जारी करने की अनुमति होगी। हालांकि, ऐसी असाधारण स्थिति में भी रिपोर्ट जारी करने या उस पर हस्ताक्षर करने वाले संबंधित चिकित्सा अधिकारी या लैब कर्मचारी को लिखित वचन देना होगा कि रिपोर्ट के परिणामों की सटीकता की पूरी जिम्मेदारी उसी की होगी। इस विशेष छूट को किसी भी सूरत में नियमित कार्यप्रणाली नहीं बनाया जा सकेगा।

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