सरकारी स्कूल के गेट का पिलर गिरने से 11 वर्षीय छात्र की मौत, हरियाणा मानवाधिकार आयोग सख्त
सोनीपत के गढ़ी बिलंदा गांव में स्कूल गेट का पिलर गिरने से छात्र यश की मौत। हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान।
सोनीपत : हरियाणा के सोनीपत के गढ़ी बिलंदा गांव में मुख्य द्वार का पिलर गिरने से हुए हादसे में यश कुमार की मौत के मामले में हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया। आयोग ने घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाबदेही तय करने और सरकारी स्कूलों की सुरक्षा की समीक्षा के निर्देश दिए हैं।
हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने बड़े इंग्लिश और हिंदी डेली अखबारों में छपी एक रिपोर्ट पर SuO MOTU कॉग्निजेंस लिया है। रिपोर्ट से पता चलता है कि यश कुमार, जो गांव गढ़ी बिलिंडा का रहने वाला था और पास के गांव बेगा के सरकारी स्कूल में क्लास VI का स्टूडेंट था, घटना के समय सरकारी प्राइमरी स्कूल, गढ़ी बिलिंडा के पास मौजूद था।
रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल के वॉचमैन ने एंट्रेंस आर्च पर उगी घास/लताओं को हटाने की कोशिश करते हुए उसे खींच लिया, जिसके बाद मेन गेट/पिलर से जुड़ा ईंट का आर्च अचानक गिर गया। यश मलबे के नीचे फंस गया और उसे गंभीर चोटें आईं। उसे पहले गन्नौर के एक हॉस्पिटल ले जाया गया और उसके बाद उसे खानपुर के भगत फूल सिंह गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां उसने आखिरी सांस ली।
मामले को लेकर मृतक बच्चे के पिता सुभाष ने हादसे के बाद अब स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। उसने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। घटना की सूचना मिलते ही खंड शिक्षा अधिकारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्कूल का निरीक्षण किया था।
शिक्षा विभाग की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी थी। वहीं, थाना गन्नौर पुलिस ने मृतक बच्चे के शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी थी। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मुख्य द्वार का पिलर आखिर किन परिस्थितियों में गिरा। अब देखना ये है कि विभाग क्या करवाई करता है।