सर्दियों में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये 5 फेस्टिवल्स, पुष्कर मेले से लेकर जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल तक

सर्दियों में भारत के इन 5 प्रसिद्ध सांस्कृतिक त्योहारों की करें सैर। पुष्कर मेला, हॉर्नबिल महोत्सव, कोणार्क नृत्य और पतंग महोत्सव की पूरी जानकारी।

भारत में सर्दियां आते ही यात्रा करना एक उत्सव जैसा हो जाता है। अगर आपकी छुट्टी का मतलब सिर्फ स्मारकों की लिस्ट बनाना नहीं है, तो नवंबर से फरवरी तक का मौसम भारत के त्योहारों के रंग में रंगने का सबसे बेहतरीन समय है। ये उत्सव आपको वह सब दिखाते हैं जो गाइडबुक में अक्सर नहीं मिलता—जैसे लोग कैसे रहते हैं और आधुनिक भारत में परंपराएं कैसे जीवित हैं। यहाँ पांच ऐसे प्रमुख त्योहार दिए गए हैं जिनके लिए आप अपनी सर्दियों की छुट्टी की योजना बना सकते हैं।

🎪 पुष्कर मेला, हॉर्नबिल महोत्सव और कोणार्क नृत्य उत्सव: सर्दियों के प्रमुख आकर्षण
  • पुष्कर ऊंट मेला (राजस्थान): दुनिया के सबसे बड़े पशु मेलों में से एक, जहाँ रंगीन बाजार, लोक संगीत और ‘मटका फोड़’ जैसी प्रतियोगिताएं होती हैं। (17 से 24 नवंबर 2026)

  • हॉर्नबिल महोत्सव (नागालैंड): किसामा हेरिटेज विलेज में आयोजित होने वाला यह ‘त्योहारों का त्योहार’ नागालैंड की समृद्ध संस्कृति और संगीत का अनूठा संगम है। (1 से 10 दिसंबर 2026)

  • कोणार्क नृत्य महोत्सव (ओडिशा): सूर्य मंदिर की पृष्ठभूमि में आयोजित होने वाला यह पांच दिवसीय शास्त्रीय नृत्य उत्सव कला प्रेमियों के लिए खास है। (1 से 5 दिसंबर 2026)

  • जयपुर साहित्य महोत्सव (राजस्थान): दुनिया भर के लेखकों, विचारकों और पाठकों का यह मिलन स्थल गुलाबी शहर में आयोजित होता है। (14 से 18 जनवरी 2027)

  • अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव (गुजरात): अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर मकर संक्रांति के अवसर पर आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से सज जाता है। (10 से 14 जनवरी 2027)

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