साइबर ठगी के शिकार लोगों के लिए बड़ी राहत: अब 50 हजार तक की राशि वापसी आसान
पानीपत में साइबर ठगी पीड़ितों के लिए MRM पोर्टल शुरू। अब कोर्ट के आदेश के बिना 50,000 रुपये तक की होल्ड राशि वापस पाना हुआ आसान। जानें पूरी प्रक्रिया।
पानीपत: साइबर ठगी के शिकार लोगों के लिए राहत भरी खबर है. भारत सरकार ने मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) पोर्टल शुरू किया है, जिसके माध्यम से साइबर धोखाधड़ी के मामलों में 50 हजार रुपये तक की होल्ड राशि को पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और तेज प्रक्रिया के जरिए पीड़ितों के बैंक खाते में वापस भेजा जा सकेगा. साइबर थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि “इस नई व्यवस्था से कोर्ट के आदेश की अनिवार्यता समाप्त हो गई है, जिससे पीड़ितों को जल्दी राहत मिलेगी.”
अब कोर्ट के आदेश की जरूरत नहीं: साइबर थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि “पहले यदि किसी साइबर ठगी के मामले में बैंक खाते में राशि होल्ड हो जाती थी तो पीड़ित को उसे वापस पाने के लिए पहले अदालत से आदेश लेना पड़ता था. इसके बाद वह आदेश पुलिस के माध्यम से बैंक भेजा जाता था और लंबी प्रक्रिया के बाद राशि वापस मिलती थी. अब भारत सरकार ने MRM (Money Restoration Module) पोर्टल शुरू किया है, जिसके जरिए 50 हजार तक की रिस्टोरेबल राशि सीधे ऑनलाइन प्रक्रिया से वापस कराई जा सकेगी.”
ऐसे काम करता है MRM पोर्टल: दीपक कुमार ने बताया कि “पोर्टल पर दो इंटरफेस बनाए गए हैं. एक नागरिकों के लिए और दूसरा पुलिस अधिकारियों के लिए. पीड़ित अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करेगा, जहां ओटीपी के माध्यम से सत्यापन होगा. इसके बाद उसे पैन कार्ड सहित आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे. आवेदन जमा होते ही संबंधित अनुरोध साइबर थाना के पोर्टल पर पहुंच जाएगा. पुलिस अधिकारी आवेदन की जांच कर यह सुनिश्चित करेंगे कि कितनी राशि वापस की जानी है. यदि एक पीड़ित के अलग-अलग बैंकों में राशि होल्ड है तो उसकी सभी प्रविष्टियां पोर्टल पर दिखाई देंगी.”
श्योरिटी बॉन्ड के बाद खाते में पहुंचेगी राशि: जांच पूरी होने के बाद पोर्टल पर स्वतः श्योरिटी बॉन्ड तैयार होगा. पीड़ित को इस बॉन्ड को नोटरी से प्रमाणित कराकर साइबर थाना में जमा कराना होगा. पुलिस द्वारा इसे पोर्टल पर अपलोड करने के बाद संबंधित राशि सीधे पीड़ित के बैंक खाते में भेज दी जाएगी.
195 मामलों में कार्रवाई, 118 का समाधान: दीपक कुमार ने बताया कि “अभी तक साइबर थाना के पास 195 रिस्टोरेबल एंट्री प्राप्त हुई हैं. इनमें एक ही व्यक्ति की अलग-अलग बैंकों में होल्ड राशि होने के कारण कई प्रविष्टियां शामिल हैं. इनमें से 118 मामलों का समाधान किया जा चुका है, जबकि 18 मामले लंबित हैं. लंबित मामलों का मुख्य कारण यह है कि कुछ पीड़ित अभी तक नोटरी से सत्यापित श्योरिटी बॉन्ड जमा कराने नहीं पहुंचे हैं. उनसे लगातार संपर्क किया जा रहा है.”
अब केवल वास्तविक रिस्टोरेबल राशि ही आएगी पोर्टल पर: उन्होंने बताया कि “पहले कई मामलों में केवल बैंक खाते पर होल्ड लगा दिया जाता था. यदि खाते में पर्याप्त राशि नहीं होती थी तो पीड़ित को पैसा मिलने में काफी परेशानी होती थी. नई व्यवस्था में केवल वही मामले MRM पोर्टल पर आते हैं, जिनमें वास्तव में राशि वापस की जा सकती है. ऐसे सभी पात्र मामलों में पीड़ितों को उनकी रकम निश्चित रूप से वापस मिलेगी.”
क्या बोले थाना प्रभारीः साइबर थाना प्रभारी दीपक कुमार ने कहा कि “MRM पोर्टल साइबर अपराध के पीड़ितों के लिए बड़ी राहत साबित होगा. इससे राशि वापसी की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और तेज हुई है.” उन्होंने नागरिकों से अपील की कि “यदि उनके मामले में MRM पोर्टल के माध्यम से प्रक्रिया शुरू होती है तो आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा कराकर जल्द से जल्द अपनी राशि वापस प्राप्त करें.”