सोना, चांदी और प्लेटिनम के आयात पर खत्म हो सकती है IGST छूट, फिटमेंट कमेटी ने की सिफारिश
जीएसटी फिटमेंट कमिटी ने बैंकों और नॉमिनेटेड एजेंसियों को सोना, चांदी और प्लेटिनम के इंपोर्ट पर मिलने वाली IGST छूट को खत्म करने की सिफारिश की है।
कीमती धातुओं के आयात को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। जीएसटी फिटमेंट कमेटी ने बैंकों और नॉमिनेटेड एजेंसियों को सोना, चांदी और प्लेटिनम के इंपोर्ट पर मिलने वाली आईजीएसटी (IGST) छूट को पूरी तरह खत्म करने की सिफारिश की है। अगर इस सिफारिश को मंजूरी मिलती है, तो ऐसे सभी प्रकार के आयात पर 3 फीसदी की दर से आईजीएसटी लगना शुरू हो जाएगा। आपको बता दें कि यह छूट साल 2017 में जीएसटी काउंसिल की सिफारिश के बाद केवल सोने के लिए शुरू की गई थी, ताकि व्यापार को आसान बनाया जा सके, जिसे बाद में चांदी और प्लेटिनम तक भी बढ़ा दिया गया था।
🔍 क्यों उठाई गई छूट खत्म करने की मांग? डीजीएफटी की नई लिस्ट और जीएसटी नोटिफिकेशन के बीच सामने आया अंतर
वर्तमान नियमों के तहत सोने का आयात प्रतिबंधित है और इसकी अनुमति केवल चुनिंदा चैनलों के जरिए ही मिलती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोना और चांदी आयात करने वाले योग्य बैंकों की सूची 31 मार्च 2026 तक ही मान्य थी। डीजीएफटी (DGFT) ने 17 अप्रैल 2026 को नई लिस्ट जारी की, लेकिन संबंधित जीएसटी छूट के नोटिफिकेशन को इसके अनुसार अपडेट नहीं किया गया। इसी तकनीकी अंतर के चलते फिटमेंट कमेटी ने लिस्ट 13, 14 और 15 के तहत आने वाले बैंकों और एजेंसियों के लिए इस छूट को समाप्त करने का प्रस्ताव दिया है।
💰 क्या महंगा हो जाएगा सोना और चांदी? इनपुट टैक्स क्रेडिट के चलते अंतिम लागत पर असर रहने की संभावना बेहद कम
भले ही इस सिफारिश के बाद आयात पर 3% आईजीएसटी लगने की बात कही जा रही है, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि खरीदारों के लिए सोना-चांदी सीधे तौर पर महंगा हो जाएगा। फिटमेंट कमेटी ने स्पष्ट किया है कि बैंक और नॉमिनेटेड एजेंसियां चुकाए गए आईजीएसटी पर ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ (ITC) का दावा करने और उसका उपयोग करने की हकदार होंगी। इसके अलावा, कमेटी ने एक्सपोर्ट-लिंक्ड सप्लाई स्कीम के तहत मौजूदा नियमों में जरूरी संशोधन करने और डीजीएफटी के प्रावधानों के आधार पर एजेंसियों को परिभाषित करने की भी सिफारिश की है।