सोने की घटती मांग पर चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने जताई चिंता, 10,000 करोड़ के पैकेज की मांग

सोने की घटती मांग और कारोबार में संकट को लेकर CTI ने पीएम मोदी को लिखा पत्र। 10,000 करोड़ के विशेष पैकेज की मांग।

देश में सोने की घटती मांग के बीच ज्वैलरी कारोबार से जुड़े व्यापारियों और संगठनों ने चिंता जताई है. चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने देश में सोने के कारोबार पर मंडरा रहे संकट को लेकर तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की मांग की है. यह पत्र पीएम मोदी की ओर से सोने की खरीदारी न करने की अपील के बाद आभूषण व्यापार में पैदा हुई उथल-पुथल को देखते हुए लिखा गया है.

CTI ने चेतावनी दी है कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो भारत में सोने की वार्षिक खपत 800 टन से घटकर 500 टन पर आ सकती है. सीटीआई की ओर से प्रधानमंत्री के सामने रखी गई 5 बड़ी मांगों में विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा के बारे में भी कहा गया है. सीटीआई का कहना है कि छोटे कारीगरों, सुनारों और स्वर्ण व्यवसायियों के लिए ₹10,000 करोड़ के विशेष आर्थिक पैकेज का ऐलान किया जाए. साथ ही सोना कारोबारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री से मिलने और अपनी समस्याओं को सीधे साझा करने के लिए समय मांगा है.

सरकार से दखल देने की अपील

सीटीआई ने ज्वैलरी इंडस्ट्री को भारी नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार से तुरंत दखल देने की अपील की है. संगठन ने कहा है कि संकट की इस घड़ी में छोटे पैमाने पर काम करने वाले सुनारों के रोजगार की सुरक्षा तय की जाए. याद रहे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 10 मई को हैदराबाद में एक जनसभा के दौरान देशवासियों से एक साल तक सोने की खरीददारी से बचने की अपील की थी. इस दौरान उन्होंने लोगों से स्वदेशी उत्पाद अपनाने, पेट्रोल डीजल की खपत कम करने और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाने का आग्रह किया था.

व्यापारियों ने जताई चिंता

इस अपील के बाद ज्वैलरी कारोबार से जुड़े व्यापारियों और संगठनों ने चिंता जताई थी. तब सीटीआई ने कहा था कि यह अपील ऐसे समय आई है जब देश में शादियों का सीजन है. अगर लोग खरीदारी टालने लगे तो बाजार पर सीधा असर दिखेगा. उसी क्रम में अब सोने की खरीददारी में भारी कमी के अनुमान के आधार पर सरकार से राहत की मांग की गई है.

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