हमीरपुर नाव हादसा: यमुना में नाव पलटने से 9 डूबे, 3 शव बरामद; तलाश जारी

हमीरपुर के कुतुबपुर गांव में यमुना नदी में नाव पलटने से बड़ा हादसा। तरबूज से लदी नाव का संतुलन बिगड़ने से 9 लोग डूबे। NDRF ने 3 शव बरामद किए, 4 बच्चे अब भी लापता।

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में रात को हुए दिल दहला देने वाले नाव हादसे से हड़कंप मचा हुआ है. यहां नाव यमुना नदी के बीच में पलट गई, जिसके चलते उसमें सवार 9 लोग डूब गए. इस हादसे में किसी तरह एक पुरुष समेत 2 बच्चे तैरकर किनारे आ गए, लेकिन एक महिला सहित 5 बच्चे लापता हो गए.

कैसे बिगड़ा नाव का संतुलन?

मामला जिले के कुरारा थाना क्षेत्र के कुतुबपुर गांव का है, जहां रहने वाले शराजू की बेटी अंजली की मंगलवार को शादी थी. बुधवार को विदाई के बाद शाम करीब 6 बजे रिश्तेदारी में आए 9 लोगों को विष्णु अपनी पत्नी के साथ नाव पर सवार होकर यमुना पार अपने खेत में तरबूज और खरबूज खिलाने के लिए ले गए. वहां खाने के बाद सभी ने कई फल तोड़कर नाव में लाद लिए और वापस घर आने लगे.

आधे रास्ते में यमुना नदी में अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई, जिसमें नाव चला रहे धीरू ने तैरकर खुद को बचाते हुए विष्णु और पारुल को बचा लिया, लेकिन बाकी 6 लोग पानी में लापता हो गए. इनमें से एक महिला और दो बच्चों के शव आज सुबह बरामद कर लिए गए हैं.

डोली के बाद घर से उठीं अर्थियां

श्रीपाल की बेटी की शादी थी, जिसके चलते आसपास के सारे रिश्तेदार शादी में जमा हुए थे. घर में मंगल गीतों के साथ बेटी को विदा किया गया और रिश्तेदारों को तरबूज और खरबूज खिलाने की बात हुई. राजू की बारी यमुना नदी के पास स्थित थी, जहां तरबूज और खरबूज भारी मात्रा में लगे थे. राजू के चाचा का लड़का विष्णु अपनी पत्नी ब्रजरानी सहित 8 बच्चों को नाव से लेकर यमुना पार खेत में चला गया. वहां से उन्होंने भारी मात्रा में खरबूज और तरबूज नाव में रख लिए और सभी को लेकर वापस आने लगे.

नाव में वजन ज्यादा होने से उसका संतुलन बिगड़ गया और सभी नदी में डूब गए. हालांकि नाव चला रहे धीरू ने दो लोगों को बचा लिया, लेकिन बाकी सब लापता हो गए. आज तीन लोगों के शव नदी में रेस्क्यू के दौरान मिल गए, जिसके बाद घर में मातम फैल गया है. जिस घर से कल एक डोली उठी थी, वहां से आज तीन अर्थियां उठ रही हैं.

रेस्क्यू में लग रहा समय

नाव डूबने के चलते 6 लोगों के नदी में लापता होने की जानकारी मिलते ही मौके पर डीएम, एसपी सहित जिले के अधिकारी पहुंच गए और एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमों को भी तुरंत बुला लिया गया. कई जिलों से टीमों के आने के बाद रात में ही सर्च लाइट की रोशनी में रेस्क्यू अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरे के चलते कोई सफलता नहीं मिली.

आज सुबह से तेज हवाओं और बारिश ने भी रेस्क्यू अभियान में खलल डाल दिया. इसके बावजूद एक महिला और दो बच्चों के शवों का रेस्क्यू किया जा चुका है. तीनों के शव नदी में ही मिले हैं. शवों को देखकर गांव में मातम पसरा हुआ है और सुरक्षा व्यवस्था के लिए गांव में भारी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है. बाकी लोगों की तलाश जारी है.

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