हरियाणा के 12 जिलों में नियमित सीएमओ नहीं, डॉक्टरों की भारी कमी और रिक्त पदों से चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं
हरियाणा के 12 जिलों में नियमित सीएमओ नहीं और डॉक्टरों के सैकड़ों पद खाली। स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और एचसीएमएस अध्यक्ष के बड़े खुलासे।
पंचकूला। हरियाणा सरकार भले ही प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने के बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर नजर आती है। राज्य के मौजूदा स्वास्थ्य क्षेत्र का हाल देखें तो जनसंख्या के अनुपात में डॉक्टरों की भारी कमी सबसे बड़ी चिंता का विषय बन गई है। स्थिति यह है कि कई जिलों में सेवानिवृत्ति के बाद भी डॉक्टरों को ओपीडी और अन्य व्यवस्थाएं संभालने के लिए सेवाएं देनी पड़ रही हैं।
🚫 12 जिलों में चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO) के पद खाली: एसएमओ और एमओ के सैकड़ों पद भी रिक्त
हरियाणा के स्वास्थ्य महकमे से सबसे हैरान करने वाली खबर यह है कि प्रदेश के 12 जिलों में नियमित चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO) नियुक्त ही नहीं किए जा सके हैं। इन जिलों में लंबे समय से एसएमओ या अन्य डॉक्टरों को अतिरिक्त चार्ज देकर काम चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग में सीएमओ और पीएमओ के स्वीकृत 45 पदों में से 26 पद रिक्त पड़े हैं। इसके अलावा सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) के 645 स्वीकृत पदों में से 200 पद खाली हैं, जबकि मेडिकल ऑफिसर (MO) के हजारों पदों में से भी सैकड़ों पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं।
💸 नौकरी छोड़ने का सिलसिला और सैलरी में बड़ा अंतर: एचसीएमएस प्रेसिडेंट अनिल यादव ने उठाए सवाल
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज (HCMS) के प्रेसिडेंट डॉ. अनिल यादव ने बातचीत के दौरान बताया कि सरकार द्वारा नई भर्तियां किए जाने के बावजूद डॉक्टरों के नौकरी छोड़कर जाने का सिलसिला लगातार जारी है। यही कारण है कि वर्ष 2022 के मुकाबले आज भी फील्ड में डॉक्टरों की संख्या लगभग उतनी ही बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकारी और प्राइवेट/कॉरपोरेट सेक्टर के वेतनमान में बहुत बड़ा अंतर है, जिसे पाटने की जरूरत है। साथ ही वीआईपी ड्यूटी, लीगल केस और पदोन्नति न मिलने जैसी समस्याओं से डॉक्टर सरकारी सेवाओं की ओर आकर्षित नहीं हो रहे हैं।
🏛️ एक सप्ताह में पदोन्नति की उम्मीद: डीजी हेल्थ मनीष बंसल ने दी जानकारी
इस पूरे मामले पर हरियाणा के डायरेक्टर जनरल (स्वास्थ्य) मनीष बंसल ने बताया कि सीएमओ की पदोन्नति से जुड़ी फाइल शासन स्तर पर विचाराधीन है। पूर्व में कोर्ट का स्टे हटने के बाद सभी दस्तावेज पुनः जमा करा दिए गए हैं और पूरी उम्मीद है कि अगले एक सप्ताह के भीतर पदोन्नति संबंधी आदेश जारी कर दिए जाएंगे, जिसके बाद एसएमओ की सूची भी जारी कर दी जाएगी।