हरियाणा में पशुपालकों को बड़ी राहत: 55 लाख गाय-भैंसों को लगेगा मुफ्त गलघोंटू और मुंह-खुर का टीका, 6 महीने चलेगा अभियान
हरियाणा में 55 लाख गाय-भैंसों का होगा निःशुल्क मुंह-खुर व गलघोंटू टीकाकरण। 6 महीने चलेगा अभियान। पशुपालक बिना देरी टीका लगवाएं। पूरी खबर पढ़ें।
चंडीगढ़: हरियाणा में पशुधन को जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए पशुपालन विभाग एक वृहद स्तर का टीकाकरण अभियान शुरू करने जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रदेश की लगभग 55 लाख गाय-भैंसों को मुंह-खुर (FMD) और गलघोंटू (HS) बीमारी से बचाव की वैक्सीन लगाई जाएगी। राज्य के सभी पशुपालकों को यह महत्वपूर्ण सुविधा पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की जाएगी। यह गहन टीकाकरण अभियान अगले 6 महीनों तक निरंतर चलाया जाएगा।
📊 एक पशु के टीकाकरण पर आएगा 34 रुपये का खर्च; हरियाणा में हैं 42 लाख भैंस और 20 लाख गाय
बजट और आंकड़ों का विवरण:
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वित्तीय प्रावधान: पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, एक पशु का टीकाकरण करने पर करीब 34 रुपये की लागत आती है। इस दर से राज्य सरकार पूरे 6 महीने के अभियान पर लगभग 17 से 18 करोड़ रुपये की राशि खर्च करेगी।
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पशुधन के आंकड़े: वर्तमान में हरियाणा में करीब 42 लाख भैंस और 20 लाख गाय शामिल हैं, जिन्हें इस मुफ्त वैक्सिनेशन ड्राइव से सीधा सुरक्षा चक्र मिलेगा।
⚠️ गलघोंटू बीमारी में 24 से 48 घंटे के भीतर हो सकती है मौत; विभाग के महानिदेशक डॉ. प्रेम की विशेष अपील
डॉक्टरों की सलाह और लक्षण:
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समय पर इलाज जरूरी: पशुपालन विभाग के महानिदेशक डॉ. प्रेम ने प्रदेश के समस्त पशुपालकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे अपने पशुओं का समय पर और नियमित टीकाकरण अवश्य करवाएं, ताकि जानलेवा बीमारियों के कारण पशुधन की क्षति न हो।
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उच्च मृत्यु दर: विभाग के अनुसार, गलघोंटू एक अति-संक्रामक और घातक बीमारी है जिसमें मृत्यु दर बहुत अधिक होती है। यदि शुरुआती समय में बीमारी की पहचान न हो पाए, तो मात्र 24 से 48 घंटे के भीतर पशु की मृत्यु हो सकती है।
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त्वरित चिकित्सा संपर्क: शुरुआती अवस्था में बीमारी पकड़ में आने पर उचित डॉक्टरी इलाज से पशु की जान बचाई जा सकती है। अतः जैसे ही पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई दें, बिना किसी लापरवाही या देरी के तुरंत निकटतम सरकारी पशु चिकित्सक से संपर्क करें।