हरियाणा में मानसून की एंट्री से कई जिलों में भारी बारिश, पंचकूला से पानीपत तक येलो अलर्ट जारी

हरियाणा में मानसून सक्रिय होने से भारी बारिश का दौर जारी। पंचकूला-पानीपत समेत कई जिलों में येलो अलर्ट, हथिनीकुंड से दिल्ली की ओर छोड़ा गया पानी।

चंडीगढ़: हरियाणा में मानसून सक्रिय होते ही लोगों की चुनौतियां बढ़ती जा रही है. वहीं, मौसम विभाग ने बुधवार को भी पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना जताई गई है. सुबह सोनीपत में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि गुरुग्राम में बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहावना बना रहा. IMD चंडीगढ़ ने पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल और पानीपत समेत कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने कहा कि, “दिनभर रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है और लोगों को मौसम से जुड़े अलर्ट का पालन करना चाहिए.”

बारिश से मिली राहत: वहीं, कई जिलों में मंगलवार की झमाझम बारिश ने लोगों को उमस और गर्मी से राहत जरूर दी, लेकिन मानसून के आंकड़े अब भी सामान्य से पीछे हैं. पिछले 24 घंटों में प्रदेश में औसतन 9.2 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि अंबाला में सबसे अधिक 94.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई. एक जून से चार अगस्त तक प्रदेश में 227.5 मिमी सामान्य बारिश के मुकाबले केवल 158.9 मिमी वर्षा हुई है, जो करीब 30 प्रतिशत कम है. मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने पर मानसून की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है.

पथराला नदी का तटबंध टूटा: यमुनानगर के रायपुर गांव के पास पथराला नदी का तटबंध भारी बारिश के कारण टूटने से आसपास के खेतों में पानी भर गया. तरुवाला, रायपुर, बलौली, याकूबपुर और ऊर्जनी सहित कई गांवों की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई. नदी में करीब 5,700 क्यूसेक जलप्रवाह दर्ज किया गया, जबकि 5 हजार क्यूसेक पर ही बाढ़ जैसी स्थिति मानी जाती है. प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं. अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है.

यमुना का जलस्तर बढ़ा: इधर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कैचमेंट क्षेत्रों में भारी बारिश का असर यमुना पर भी दिखाई दिया. यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज पर जलप्रवाह बढ़कर 79,620 क्यूसेक पहुंच गया. इसके बाद 18 में से 15 गेट खोलकर 63,110 क्यूसेक पानी दिल्ली की ओर छोड़ा गया. अधिकारियों की मानें तो यह पानी अगले 48 घंटे में दिल्ली पहुंचने की संभावना है, इसलिए जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.

तापमान में गिरावट से मौसम हुआ सुहावना: वहीं, लगातार बारिश और घने बादलों के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में औसतन 4.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई. सिरसा में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि अंबाला में 29.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. न्यूनतम तापमान नारनौल में 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. मौसम विभाग ने कहा, “ठंडी मानसूनी हवाओं के कारण दिन और रात दोनों समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा.”

चंडीगढ़ में कुछ घंटों की बारिश ने खोली व्यवस्थाओं की पोल: चंडीगढ़ में मंगलवार सुबह हुई कुछ घंटों की बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी. कई प्रमुख सड़कें और बाजार जलमग्न हो गए, जिससे कार्यालय और स्कूल जाने वाले लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा. शहर के अलग-अलग हिस्सों में तीन से चार बड़े पेड़ भी गिर गए. स्थानीय लोगों ने कहा, “हर साल नालों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन थोड़ी सी बारिश में ही सड़कें पानी से भर जाती हैं.”

सेक्टर-45 और सेक्टर-9 में सिंकहोल से बढ़ी चिंता: बारिश के दौरान सेक्टर-45 और सेक्टर-9 में सड़क धंसने यानी सिंकहोल की घटनाएं सामने आईं. स्थानीय लोगों ने सड़क के बीच बने गहरे गड्ढों की तस्वीरें और वीडियो साझा किए. लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान ऐसे सिंकहोल बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं, इसलिए प्रशासन को तुरंत मरम्मत करानी चाहिए. वहीं, मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक चंडीगढ़ और हरियाणा के दक्षिणी हिस्सों में येलो अलर्ट जारी रखते हुए लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है.

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