हिसार की बेटी कंशिका बंसल ने लहराया परचम: ICAI CA फाउंडेशन परीक्षा में हासिल की ऑल इंडिया रैंक-1 (AIR-1)
हिसार की कंशिका बंसल ने ICAI CA फाउंडेशन परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-1 (AIR-1) हासिल की। 400 में से 361 अंक प्राप्त किए। पूरी सफलता की कहानी पढ़ें।
हिसार: इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की ओर से सीए फाउंडेशन परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में हिसार की होनहार छात्रा कंशिका बंसल ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 400 में से 361 अंक हासिल किए और ऑल इंडिया रैंक-1 (AIR-1) प्राप्त कर पूरे देश में हिसार का नाम रोशन कर दिया है। कंशिका की इस शानदार उपलब्धि से उनके परिवार, शहर और पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस बार हिसार परीक्षा केंद्र से कुल 718 विद्यार्थियों ने सीए फाउंडेशन की परीक्षा दी थी, जिनमें से 212 परीक्षार्थी सफल रहे, और इनमें कंशिका ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है।
🏡 साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं कंशिका; मूल रूप से किरमारा गांव की रहने वाली हैं और 10 साल से हिसार में रह रहा परिवार
कंशिका बंसल की पृष्ठभूमि और परिवार:
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पारिवारिक पृष्ठभूमि: मूल रूप से हिसार जिले के गांव किरमारा की रहने वाली कंशिका पिछले लगभग 10 वर्षों से अपने परिवार के साथ हिसार शहर में ही निवास कर रही हैं। उनके पिता शिव कुमार बंसल एक व्यवसायी हैं, जबकि माता सपना एक गृहिणी हैं।
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12वीं में भी किया था टॉप: कंशिका ने कॉमर्स संकाय से लोहारिया विद्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हिसार से 12वीं की परीक्षा पास की थी, जिसमें उन्होंने जिले में टॉप किया था। इसके बाद उन्होंने कोचिंग एकेडमी ज्वाइन कर सीए की तैयारी शुरू की, जिसमें उनके चाचा प्रवेश ने उन्हें लगातार मार्गदर्शन और सहयोग दिया।
⏰ प्रतिदिन 6 से 7 घंटे की नियमित पढ़ाई; सोशल मीडिया से बनाई दूरी और मॉक टेस्ट पर दिया विशेष ध्यान
सफलता की रणनीति और अनुशासन:
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अथक परिश्रम: कंशिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी नियमित दिनचर्या को देते हुए बताया कि वह प्रतिदिन करीब 6 से 7 घंटे पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ाई करती थीं। पढ़ाई के साथ-साथ वह घर के कामों में भी अपनी मां का पूरा हाथ बंटाती थीं।
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तैयारी के टिप्स: उन्होंने निरंतर अभ्यास और मॉक टेस्ट पर विशेष फोकस किया। परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया का इस्तेमाल बेहद कम किया। हालांकि इस दौरान मानसिक दबाव भी रहा, लेकिन उन्होंने कभी खुद पर इसे हावी नहीं होने दिया और पूरी तरह अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहीं।
🎯 युवाओं को संदेश—’सख्त मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती’; अब आईएएस अधिकारी बनना है अगला लक्ष्य
भविष्य की योजनाएं और प्रेरणा:
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विद्यार्थियों के लिए संदेश: युवाओं को प्रेरित करते हुए कंशिका ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई और करियर पर पूरा फोकस रखना चाहिए। पूरी लगन और ईमानदारी से किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता और सफलता एक न एक दिन जरूर मिलती है।
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अगला सपना: अपनी इस सफलता के बाद कंशिका का हौसला बुलंद है और उन्होंने बताया कि अब उनका अगला बड़ा लक्ष्य देश सेवा के लिए IAS अधिकारी बनने की दिशा में तैयारी करना है। माता सपना और पिता शिव कुमार बंसल ने बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।