Meerut Central Market: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, 44 संपत्तियां होंगी सील
मेरठ सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आवास विकास की बड़ी कार्रवाई। 44 अवैध संपत्तियां होंगी सील। कोर्ट ने पूर्व कमिश्नर ऋषिकेश भास्कर को लगाई कड़ी फटकार।
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में सेंट्रल मार्केट क्षेत्र की 44 संपत्तियों को तुरंत सील करने का निर्देश दिया. एससी के आदेश के बाद आवास एवं विकास परिषद की टीम ने बुधवार से अवैध संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी है. इस दौरान आवास विकास की टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा. इस बीच कुछ समय के लिए संपत्तियों सील करने की कार्रवाई को भी रोकना पड़ा. टीम अभी तक दो अस्पताल, दो स्कूल समेत आठ अवैध निर्माण सील किए हैं.
मेरठ कमिश्नर ने क्या कहा था?
दरअसल, पिछले साल 27 अक्टूबर, 2025 को मेरठ कमिश्नर ने आदेश पारित किया था कि सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में दुकानों को और ध्वस्त न किया जाए क्योंकि मास्टर प्लान में प्रस्तावित संशोधन के माध्यम से इन दुकानों को बाजार गली का दर्जा दिया जाएगा. उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अध्यक्ष श्री पी गुरुप्रसाद ने न्यायालय को बताया कि मेरठ आयुक्त द्वारा 27 अक्टूबर को पारित आदेश के मद्देनजर विध्वंस कार्य नहीं किया जा सकता. 2 अप्रैल को न्यायालय ने कहा था कि वह मेरठ मंडल आयुक्त द्वारा 27 अक्टूबर 2025 को पारित आदेश से अत्यंत विचलित है. अतः तत्कालीन आयुक्त को 6 अप्रैल को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था.
आवास विकास के अधिकारियों पर लगाए आरोप
वहीं, व्यापारियों का आरोप है कि आवास विकास परिषद ने 70 करोड़ रुपए भू उपयोग परिवर्तन शुल्क के रूप में लिए हैं. पहले उसका हिसाब दिया जाए. उन्होंने आवास विकास परिषद के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए. यह आदेश आवासीय भूखंडों को अवैध रूप से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, स्कूलों और अस्पतालों में परिवर्तित किए जाने के बाद दिया गया, जिनमें से कई बिना स्वीकृत योजनाओं और बुनियादी अग्नि सुरक्षा उपायों के संचालित हो रहे थे.