हिसार: JJP कार्यकर्ताओं के घरों में पुलिस की छापेमारी पर हाईकोर्ट सख्त, DGP और SP को नोटिस जारी
हिसार में जजपा (JJP) कार्यकर्ताओं के घरों में अवैध घुसपैठ और परिजनों को डराने-धमकाने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। कोर्ट ने हरियाणा DGP और हिसार SP समेत कई अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जानें क्या है पूरा मामला।
चंडीगढ़: हिसार में जजपा कार्यकर्ताओं के घरों में अवैध रूप से घुसने और दहशत फैलाने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किए हैं। जजपा कार्यकर्ता गौरव सैनी और विजेंद्र के परिवारजनों की और से दायर याचिका पर हाइकोर्ट ने तुरंत सुनवाई करते हुए प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी किया है।
याचिका में हरियाणा के डी.जी.पी., हिसार के पुलिस अधीक्षक, उप अधीक्षक, सी.आई.ए. इंचार्ज समेत कई पुलिस कर्मचारियों को प्रतिवादी बनाया गया है। गौरव सैनी की पत्नी की याचिका पर अगली सुनवाई 20 मई को और विजेंद्र की बेटी की याचिका पर अगली सुनवाई 27 मई को होगी।
गौरव की पत्नी की तरफ से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि रात करीब 4 बजे सादे कपड़ों में पुलिस ने जबरदस्ती घर में घुसकर सबको हथियारों के साथ डराया धमकाया और महिलाओं प्रति अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। गौरव सैनी का 10 वर्षीय बेटा आज भी दहशत में है। सी.सी.टी.वी. की फुटेज की रिकॉर्डिंग वाला डी.वी. आर. भी अपने साथ ले गए। 24 अप्रैल को शिकायत दिए जाने के बाद भी आज तक एफ. आई. आर. दर्ज नहीं की गई है।
वहीं, जजपा कार्यकर्ता विजेंद्र की बेटी की तरफ से दी गई याचिका में भी हिसार पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। युवती ने कहा कि 16 अप्रैल की रात की घुसे लोगों ने नाबालिग बच्चियों के सामने उनके पिता की हथियार दिखाकर डराया। सी.सी.टी.वी. फुटेज की रिकॉर्डिंग का डिवाइस उतारने के लिए एक शख्स सोते हुए बच्चों के कमरे में घुसा और उनके बैड पर चढ़कर डी. बी. आर. उतारी।
पिता विजेंद्र के लिए उसके बच्चों के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। शिकायत के एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई हिसार पुलिस ने नाहीं की। दोनों याचिकाओं में इन परिवारों ने हिसार पुलिस को दी गई शिकायत पर कार्रवाई करवाने और आरोपियों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करने की मांग की गई है।