नोएडा मेट्रो विस्तार: 13 एजेंसियां आई आगे, बोड़ाकी तक बढ़ेगा सफर
नोएडा मेट्रो विस्तार के लिए 13 एजेंसियां जुटीं। बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 और बोड़ाकी तक बढ़ेगा मेट्रो रूट। साथ ही, नमो भारत कॉरिडोर से जेवर एयरपोर्ट का सफर होगा आसान।
नोएडा सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन और ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी रूट पर मेट्रो स्टेशन बनाने के लिए 13 एजेंसियां आगे आईं हैं। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) ने पिछले महीने एक्सप्रेसन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) जारी की थी। जो एजेंसी चुनी जाएंगी, वह अपनी कंपनी का नाम स्टेशन में जुड़वाने के साथ-साथ व्यावसायिक संपत्ति बनाकर कमाई कर सकेंगी।
एजेंसियों से योजना को आगे बढ़ाने के लिए मांगे जाएंगे सुझाव
पहली बार एनएमआरसी ने यह योजना लॉन्च की है। अगर किसी कंपनी का चयन हो जाता है तो यूपी और दिल्ली-एनसीआर में पहली बार ऐसा होगा। अब तक स्टेशन बनने के बाद किसी एजेंसी का नाम स्टेशन के साथ जोड़ा जाता है। एनएमआरसी के अधिकारियों ने बताया कि जो एजेंसी आगे आईं हैं, अब उनके साथ बैठक कर इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए सुझाव मांगे जाएंगे। एनएमआरसी के अधिकारियों ने बताया कि जिस स्टेशन पर इस बार चयन नहीं हो पाएगा, वहां के लिए फिर से आवेदन मांगे जाएंगे।
ये स्टेशन बनेंगे
अधिकारियों ने बताया कि एक्वा लाइन के सेक्टर-142 स्टेशन से ब्लू और मजेंटा लाइन के इंटरचेंज बॉटेनिकल गार्डन स्टेशन तक का मेट्रो रूट 11.56 किलोमीटर का बनना है। ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे किनारे से गुजरने वाले रूट पर एनएमआरसी के बॉटेनिकल गार्डन, सेक्टर-44, नोएडा ऑफिस सेक्टर-94, सेक्टर-97, सेक्टर-105, सेक्टर-108, सेक्टर-93, और पंचशील बालक इंटर कॉलेज स्टेशन बनेंगे।
एक्वा लाइन पर दो और स्टेशन बनेंगे
अधिकारियों ने बताया कि इस ईओआई के जरिये एनएमआरसी ने इस रूट पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों, आईटी कंपनियों, शैक्षणिक संस्थान, बिल्डरों के कमर्शियल प्रोजेक्ट्स से जुड़ी बेहतर प्रचार संभावनाएं जताई हैं। एक्वा मेट्रो लाइन को डिपो से 2.6 किलोमीटर बोड़ाकी तक बढ़ाया जाना है। दो नए मेट्रो स्टेशन जुनपत गांव और बोड़ाकी बनेंगे। आने वाले समय में बोड़ाकी में मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनना है।
आरआरटीएस कॉरिडोर से नोएडा एयरपोर्ट तक यात्रा का समय होगा कम
वहीं, नोएडा एयरपोर्ट का सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही तेज सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिल सकता है, क्योंकि प्रस्तावित 72.44 किलोमीटर लंबे नमो भारत गाजियाबाद-जेवर कॉरिडोर का काम विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के चरण में पहुंच गया है। प्रस्तावित मार्ग गाजियाबाद से शुरू होकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (वाईईआईडीए) सिटी से होते हुए जेवर स्थित नोएडा एयरपोर्ट पर समाप्त होगा। यह कॉरिडोर उन क्षेत्रों से होकर गुजरेगा जहां तेजी से शहरी और आर्थिक विकास हो रहा है। इस कॉरिडोर में 12 स्टेशन और मार्ग के उत्तरी एवं दक्षिणी छोर पर दो डिपो होंगे। यह योजना इस तरह बनाई गई है कि ट्रेनों का सुचारू संचालन हो सके और दिल्ली-एनसीआर के शहरों तथा आगामी एयरपोर्ट के बीच बढ़ती यात्री आवाजाही को संभाला जा सके। यह कॉरिडोर चौथा नमो भारत क्षेत्रीय त्वरित परिवहन कॉरिडोर होगा और इसकी अनुमानित लागत करीब 20,640 करोड़ रुपये है। इस परियोजना का उद्देश्य प्रमुख आवासीय, वाणिज्यिक और आगामी बुनियादी ढांचा केंद्रों को जोड़कर एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन संपर्क को मजबूत करना है।
कॉरिडोर को अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए डिजाइन किया जाएगा और इससे गाजियाबाद, नोएडा तथा जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच यात्रा समय घटकर करीब 40 से 50 मिनट रह जाने की उम्मीद है, जिससे यात्रियों की दैनिक आवाजाही आसान होगी। प्रस्तावित कॉरिडोर के स्टेशनों में गाजियाबाद, गाजियाबाद दक्षिण, ग्रेटर नोएडा वेस्ट-सेक्टर चार, ग्रेटर नोएडा वेस्ट-सेक्टर दो, नॉलेज पार्क पांच, सूरजपुर, परी चौक, इकोटेक छह, दनकौर, वाईईआईडीए नॉर्थ-सेक्टर 18, वाईईआईडीए सेंट्रल-सेक्टर 21 और जेवर एयरपोर्ट शामिल हैं।