कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का शेड्यूल जारी: 19 मई तक करें आवेदन, जानें रूट, पात्रता और पूरी प्रक्रिया
कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं। विदेश मंत्रालय ने लिपुलेख और नाथू ला दर्रे के माध्यम से 1000 तीर्थयात्रियों के लिए शेड्यूल जारी किया है। आवेदन की अंतिम तिथि, आयु सीमा और मेडिकल टेस्ट की पूरी जानकारी यहाँ देखें।
भगवान शिव के परम धाम कैलाश पर्वत और पवित्र मानसरोवर झील के दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है. केंद्र सरकार ने कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है. इसके साथ ही ऑनलाइन आवेदन की खिड़की भी खुल गई है. इस वर्ष की यात्रा कई मायनों में खास है क्योंकि इसे दो अलग-अलग पारंपरिक मार्गों से संचालित किया जा रहा है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यात्रा के लिए पंजीकरण कराने की अंतिम तिथि 19 मई 2026 निर्धारित की गई है. इस यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं का चयन पूरी तरह से पारदर्शी और कंप्यूटरीकृत ‘रैंडम ड्रॉ’ के माध्यम से किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य पुरुष और महिला आवेदकों के बीच एक उचित संतुलन बनाए रखना है. चयनित यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग बैच में भेजा जाएगा.
जून से अगस्त तक चलेगी यात्रा
कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का आयोजन जून से अगस्त के बीच होगा. यह पूरी यात्रा दिल्ली से शुरू होकर वापस दिल्ली पहुंचने तक लगभग 23 से 25 दिनों की होती है. हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म में इस स्थल को दुनिया का केंद्र और सबसे पवित्र स्थान माना गया है. इस बार सरकार ने यात्रियों को दो अलग-अलग रास्तों का विकल्प दिया है, जिसमें कुल 1,000 तीर्थयात्रियों (500 प्रति रूट) को अनुमति दी जाएगी.
1. लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड मार्ग)
बैच: 10 समूह (प्रत्येक में 50 यात्री).
मार्ग: दिल्ली से धारचूला (पिथौरागढ़) होते हुए.
विशेषता: यह एक पारंपरिक मार्ग है जो काफी चुनौतीपूर्ण और ट्रेकिंग आधारित है. यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पैदल चलने का साहस रखते हैं.
2. नाथू ला दर्रा (सिक्किम मार्ग)
बैच: 10 समूह (प्रत्येक में 50 यात्री).
मार्ग: दिल्ली से बागडोगरा और फिर गंगटोक होते हुए.
विशेषता: यह मार्ग उत्तराखंड के मुकाबले कम चुनौतीपूर्ण है क्योंकि यहां सड़क मार्ग की बेहतर सुविधा उपलब्ध है. बुजुर्गों और कम शारीरिक क्षमता वाले यात्रियों के लिए इसे अधिक अनुकूल माना जाता है.
कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता और शर्तें)
कैलाश यात्रा दुनिया की सबसे कठिन तीर्थ यात्राओं में से एक है, इसलिए इसके नियम काफी सख्त हैं. आवेदक अनिवार्य रूप से भारतीय नागरिक हो। (विदेशी या OCI कार्डधारक पात्र नहीं हैं). 1 जनवरी 2026 को आपकी आयु 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए. आपका पासपोर्ट कम से कम 1 सितंबर 2026 तक वैध होना चाहिए. आवेदक को अस्थमा, डायबिटीज, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप या मिर्गी जैसी गंभीर बीमारी नहीं होनी चाहिए.
मेडिकल जांच: दो चरणों में अग्निपरीक्षा
चूंकि यह यात्रा समुद्र तल से लगभग 19,500 फीट की ऊंचाई तक जाती है, जहां ऑक्सीजन का स्तर 50% से भी कम रह जाता है, इसलिए दो बार मेडिकल टेस्ट अनिवार्य है. पहला चरण- दिल्ली में विशेष अस्पतालों और ITBP बेस हॉस्पिटल में. दूसरा चरण- यात्रा के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों (गुंजी या शेराथांग) में. यहां आईटीबीपी द्वारा निःशुल्क जांच की जाएगी. यदि यात्री अनफिट पाया जाता है, तो उसे वहीं से वापस भेज दिया जाएगा.
आवेदन कैसे करें?
इच्छुक श्रद्धालु आधिकारिक वेबसाइट kmy.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बाद आपको पासपोर्ट और फोटोग्राफ की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी. एक यूजर आईडी से अधिकतम दो लोग आवेदन कर सकते हैं.
सुविधाएं और सुरक्षा
भारतीय क्षेत्र में कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) और सिक्किम पर्यटन विकास निगम भोजन व ठहरने की व्यवस्था संभालते हैं, जबकि तिब्बत (चीन) के हिस्से में चीनी प्रशासन जिम्मेदारी लेता है. हालांकि, केंद्र सरकार सीधे सब्सिडी नहीं देती, लेकिन उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसी कई राज्य सरकारें अपने निवासियों को यात्रा पूरी होने पर एक निश्चित राशि की सब्सिडी प्रदान करती हैं. किसी भी आपात स्थिति के लिए हेलीकॉप्टर रेस्क्यू की सुविधा उपलब्ध रहती है, जिसका खर्च यात्री को स्वयं उठाना होता है.