Delhi News: न्यू अशोक नगर में टला सीलिंग का खतरा, व्यापारियों ने खुद तोड़ीं दुकानों के आगे बनी दीवारें
पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर में सीलिंग की कार्रवाई का डर टला। विधायक और पार्षद के आश्वासन के बाद दुकानदारों ने शटर के आगे बनाई ईंट की दीवारें खुद ही तोड़नी शुरू कीं।
पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में सीलिंग की कार्रवाई का डर फिलहाल टल गया है. इसके बाद व्यापारियों ने अपनी दुकानों को बचाने के लिए बाहर बनाई गई ईंट की दीवारों को खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया है. राहत की बात यह रही कि स्थानीय बीजेपी पार्षद संजीव सिंह ने व्यापारियों का भय दूर करने के लिए खुद हथौड़ा चलाकर दीवार तोड़ने की शुरुआत की. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एमसीडी (MCD) दिल्ली के रिहायशी इलाकों में चल रही कमर्शियल एक्टिविटीज का सर्वे कर रही है.
इसी कड़ी में डीडीए (DDA) ने न्यू अशोक नगर और चिल्ला सरोदा बांगर इलाके की सैकड़ों दुकानों को नोटिस भेजा था. डर था कि डीडीए, नगर निगम और दिल्ली पुलिस मिलकर आज किसी भी वक्त सीलिंग की बड़ी कार्रवाई कर सकते हैं.
बचाव के लिए व्यापारियों ने चुनवा दी थी दीवारें
सीलिंग के हड़कंप के बीच दुकानदारों ने अपनी आजीविका बचाने के लिए एक अनोखा रास्ता निकाला था. कई दुकानदारों ने आनन-फानन में अपनी दुकानों के शटर के आगे ईंटों की पक्की दीवार खड़ी कर दी थी. व्यापारियों का मानना था कि इससे शायद सीलिंग की टीम दुकान को बंद नहीं कर पाएगी.
विधायक और पार्षद का आश्वासन
मौके पर पहुंचे बीजेपी विधायक रविकांत उज्जैनवाल ने लोगों से बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि फिलहाल सीलिंग नहीं होगी. उन्होंने कहा, “हम लोग यहां खड़े हैं और सीलिंग नहीं होने देंगे. इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा से लगातार बातचीत हो रही है. इन पुरानी दुकानों को नोटिफाई करवाने के लिए जो भी कानूनी चार्ज देना होगा, वह प्रक्रिया पूरी की जाएगी ताकि लोग अपना रोजगार चला सकें.”
वहीं पार्षद संजीव सिंह ने कहा कि सरकार ने हमारी बात सुन ली है और अब व्यापारियों को डरने की जरूरत नहीं है. सांकेतिक रूप से दीवार तोड़कर हम यह संदेश दे रहे हैं कि स्थिति अब नियंत्रण में है.
रोजगार बचाने की जंग
दुकानदारों का कहना है कि उनकी दुकानों से कई परिवारों का गुजारा चलता है. डर के मारे उन्होंने यह कदम उठाया था ताकि सीलिंग टल जाए. अब आश्वासन मिलने के बाद वे खुद इन दीवारों को हटा रहे हैं ताकि सामान्य रूप से अपना व्यापार शुरू कर सकें.