Kanpur News: शादी से पहले हल्दी की रस्म में फटा सिलेंडर; दुल्हन समेत 12 झुलसे, खुशियां मातम में बदलीं
कानपुर के घाटमपुर में हल्दी की रस्म के दौरान गैस सिलेंडर में लगी आग। खौलते तेल की कड़ाही पलटने से दुल्हन और उसके पिता समेत 12 लोग झुलसे। अस्पताल में भर्ती।
कानपुर के घाटमपुर तहसील में हुए एक शादी समारोह के हल्दी-मेहंदी कार्यक्रम के दौरान गैस सिलेंडर में लगी आग से तबाही मच गई. आग इतनी भयानक फैली कि दुल्हन समेत 12 लोग बुरी तरह झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए रेफर किया गया है. घटना के बाद परिवार के इतने लोगों के झुलसने से शादी समारोह का माहौल गमगीन हो गया. कानपुर से आज बारात जगन्नाथपुर जानी थी, लेकिन दुल्हन अस्पताल में भर्ती है.
घटना के संबंध में घाटमपुर कोतवाली प्रभारी मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची थी और आग पर काबू पा लिया गया. आग लगने के पीछे की वजह की पुलिस जांच कर रही है.
मिली जानकारी के अनुसार, घाटमपुर थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव के रहने वाले जगदीश की बेटी श्वेता की गुरुवार को शादी होनी है. बारात कानपुर से आनी थी, जिसके चलते बुधवार को घर में हल्दी-मेहंदी की रस्म के लिए रिश्तेदार और मेहमान इकट्ठा हुए थे. उनके लिए खाना बनाने के लिए बाहर भट्ठी लगाई गई थी.
खाना बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर के पाइप में रिसाव होने लगा और देखते ही देखते आग लग गई. आग लगने से घर में अफरा-तफरी का माहौल हो गया. परिवार और ग्रामीण आग बुझाने की कोशिश करने लगे. इसी दौरान गैस के बड़े चूल्हे पर रखी तेल की गर्म कड़ाही पलट गई.
गर्म तेल उछलकर आसपास खड़े कई लोगों पर जा गिरा, जिससे कई लोग बुरी तरह झुलस गए. घटना में दुल्हन, दुल्हन के पिता और उनके रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हो गए.
पुलिस के अनुसार, आग से दुल्हन के साथ ही उसके पिता जगदीश, फोटोग्राफर शिवा समेत नौ अन्य पारिवारिक रिश्तेदार झुलस गए हैं. घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमों ने आग पर काबू पाया. इसके बाद चार एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और सभी घायलों को घाटमपुर सीएचसी पहुंचाया गया.
अस्पताल में अचानक इतनी बड़ी संख्या में झुलसे मरीजों के पहुंचने से चीख-पुकार मच गई. सीएचसी के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद पांच घायलों को बेहतर इलाज के लिए कानपुर रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है.
फिलहाल घटना के बाद से परिवार में अफरा-तफरी का माहौल है. अब लोग बारात के आने के इंतजार की जगह अपने-अपने परिजनों के इलाज में जुटे हैं. घटना के बाद दुल्हन के बुरी तरह झुलस जाने से शादी कैसे होगी, यह सवाल गांव में हर किसी की जुबान पर है.