Moradabad Robbery Case: पीतल कारोबारी के घर ₹1.30 करोड़ की डकैती का खुलासा; बेटी ही निकली मास्टरमाइंड

मुरादाबाद पुलिस का बड़ा खुलासा! पीतल कारोबारी इमरान के घर हुई ₹1.30 करोड़ की डकैती की साजिश बेटी ने प्रेमी के साथ मिलकर रची थी। पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के नागफनी थाना क्षेत्र में हुई करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये की हाई प्रोफाइल डकैती का पुलिस ने महज तीन दिन के अंदर सनसनीखेज खुलासा कर दिया. इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि पीतल कारोबारी की अपनी ही बेटी ने प्रेमी के साथ मिलकर पूरे लूटकांड की साजिश रची थी. पुलिस ने कारोबारी की बेटी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लाखों रुपये की नकदी, अवैध हथियार और वारदात में इस्तेमाल की गई कारें बरामद कर ली हैं.

घटना 11 मई की रात की है, जब नागफनी थाना क्षेत्र स्थित अकबर कंपाउंड निवासी पीतल कारोबारी इमरान के घर देर रात हथियारबंद बदमाश घुस आए थे. बदमाशों ने परिवार को तमंचों के बल पर बंधक बनाकर घर में रखी भारी नकदी और सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए थे. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तत्काल कई टीमें गठित कर जल्द से जल्द खुलासे के निर्देश दिए थे.

सीसीटीवी और सर्विलांस ने खोला राज

पुलिस अधीक्षक नगर कुमार रणविजय और क्षेत्राधिकारी कोतवाली सुनीता दहिया के नेतृत्व में गठित टीमों ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. साथ ही इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया. जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई. पुलिस ने इस मामले में अरशद वारसी, कुलदीप, रवि कुमार, निक्की और कारोबारी की 21 वर्षीय बेटी अरीबा को गिरफ्तार किया है.

क्यों की गई थी डकैटी?

सभी आरोपियों से पूछताछ के बाद पूरे षड्यंत्र का खुलासा हुआ. पूछताछ में सामने आया कि कारोबारी की बेटी अरीबा और आरोपी अरशद वारसी के बीच पिछले आठ-नौ सालों से प्रेम संबंध थे. दोनों अलग-अलग समुदाय से थे, जिसके चलते परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था. इसी बात से नाराज होकर दोनों ने मिलकर डकैती की साजिश रची. पुलिस के मुताबिक, अरीबा लगातार अपने प्रेमी अरशद को घर की आर्थिक स्थिति, नकदी और परिवार की गतिविधियों की जानकारी देती रही.

बेटी अरीबा ने ही खोला मुख्य गेट

इतना ही नहीं, करीब एक महीने पहले उसने घर की चाबियां भी अरशद को उपलब्ध करा दी थीं. वारदात वाली रात मुख्य दरवाजा खोलने की जिम्मेदारी भी अरीबा ने निभाई. इसके बाद अरशद अपने साथियों कुलदीप, रवि और निक्की के साथ घर में दाखिल हुआ और पूरी वारदात को अंजाम दिया गया. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 47 लाख 24 हजार रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन, चार अवैध तमंचे, कई जिंदा कारतूस और घटना में इस्तेमाल की गई दो कारें बरामद की हैं.

अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस

पुलिस का कहना है कि गिरोह के कुछ अन्य सदस्यों की भी तलाश की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी भी कर ली जाएगीय. इस चर्चित डकैती कांड के खुलासे में थाना नागफनी प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार, उपनिरीक्षक सनुज कुमार, तेजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, केशव त्यागी, अनुज चौधरी, अरुण वर्मा, राजीव गंगवार, मोहित शर्मा, विवेक यादव, सतीश कुमार, अमित और राहुल समेत कई पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

एसएसपी सतपाल अंतिल पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस हाई प्रोफाइल डकैती को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था. पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई से पूरे गिरोह तक पहुंचना संभव हो सका. आगे एसएसपी ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि मुरादाबाद पुलिस अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है और किसी भी बड़ी वारदात में शामिल अपराधियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

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