UP SCR: लखनऊ को जाम से मिलेगी मुक्ति; 6-लेन ‘राज्य राजधानी माला’ एक्सप्रेसवे को मिली हरी झंडी
UP SCR की बड़ी तैयारी! लखनऊ समेत 6 जिलों को जोड़ेगा 300 किमी लंबा 'राज्य राजधानी माला' एक्सप्रेसवे। जानें रूट, लागत और ट्रैफिक लोड से जुड़ी पूरी जानकारी।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को केंद्र में रखकर तैयार की जा रही महत्वाकांक्षी राज्य राजधानी माला परियोजना अब यूपी स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) की प्रमुख योजनाओं में शामिल हो गई है. यह 6 लेन का सर्कुलर एक्सप्रेसवे लखनऊ के साथ बाराबंकी, उन्नाव, रायबरेली, हरदोई और सीतापुर को जोड़ते हुए पूरे क्षेत्र को एक बड़ी आर्थिक इकाई में बदल देगा. परियोजना को ब्राउनफील्ड मॉडल पर विकसित किया जाएगा, यानी मौजूदा सड़कों को चौड़ा करके और आधुनिक सुविधाओं से लैस कर एक्सप्रेसवे का रूप दिया जाएगा. इससे नई भूमि अधिग्रहण की जरूरत कम होगी और परियोजना तेजी से पूरी हो सकेगी.
प्रमुख ट्रैफिक आंकड़े इस प्रकार हैं:
- लखनऊ-बाराबंकी: 50,000 वाहन
- लखनऊ-उन्नाव: 40,000 वाहन
- लखनऊ-संडीला: 40,000 वाहन
- उन्नाव-रायबरेली: 35,000 वाहन
- सीतापुर-हरदोई: 33,000 वाहन
- रायबरेली-बाराबंकी: 23,000 वाहन
दो चरणों में होगी परियोजना
परियोजना को दो चरणों में पूरा करने की योजना है. पहला चरण (105 किमी): लालगंज-रायबरेली-हैदरगढ़-बाराबंकी को जोड़ेगा. इसे 5 वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है. अनुमानित लागत 2,100 करोड़ रुपये है. दूसरा चरण (195 किमी): बाराबंकी-बिसवां-सीतापुर-हरदोई-संडीला को जोड़ेगा. इसे 10 सालों में विकसित किया जाएगा. अनुमानित लागत 3,900 करोड़ रुपये है.
सड़क निर्माण के साथ-साथ एक्सप्रेसवे के किनारे नए औद्योगिक क्लस्टर, लॉजिस्टिक पार्क, वेयरहाउस और आवासीय परियोजनाएं विकसित की जाएंगी. बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश आकर्षित होगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. आज मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक होने वाली है, जिसमें सभी संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव शामिल होंगे. बैठक में इस परियोजना समेत कुछ अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी मिलने की उम्मीद है. राज्य राजधानी माला परियोजना लखनऊ को ट्रैफिक के बोझ से मुक्ति दिलाते हुए पूरे क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी.