Kurukshetra: सरकारी गेहूं पर पानी छिड़कने का वीडियो वायरल, भड़के किसानों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
कुरुक्षेत्र के आलमपुर में सरकारी गेहूं पर पानी डालने का वीडियो वायरल होने पर हंगामा। किसान संगठनों ने वजन बढ़ाने का लगाया आरोप, FCI और खाद्य आपूर्ति विभाग ने शुरू की जांच।
कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र में सरकारी गेहूं के स्टैक पर पानी छिड़काव करने के कथित मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। किसान संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाते हुए शुक्रवार को उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा से मिलने का फैसला किया है। किसान नेता मुख्यमंत्री आवास पर भी पहुंचकर मामले को उठाएंगे।
जानकारी के अनुसार आलमपुर स्थित जैन राइस मिल में रखे सरकारी गेहूं के स्टैक पर एक कर्मचारी द्वारा पानी डालने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद शहीद भगत सिंह यूनियन और अन्य किसान संगठन मौके पर पहुंचे और जमकर विरोध जताया। किसानों का आरोप है कि गेहूं का वजन बढ़ाने के लिए उसमें पानी मिलाया जा रहा था।
यूनियन के प्रधान संजू नंबरदार ने बताया कि पिछले कई दिनों से बारिश नहीं हुई, ऐसे में गेहूं के भीगने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर पांच बोरियों का वजन कराया गया, जिसमें 50 किलो की बोरी का वजन 52 से 53 किलो तक पाया गया। किसानों का कहना है कि इस तरह का गेहूं आगे सरकारी डिपो में भेजा जाएगा, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। किसान नेताओं ने कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने किसी दूसरी एजेंसी से जांच कराने की मांग भी उठाई है।
वहीं खाद्य आपूर्ति विभाग के एएफएसओ रामपाल ने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने गेहूं के पांच सैंपल लिए हैं। नमी की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी और उसी आधार पर कार्रवाई होगी। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की भी जांच की जा रही है कि यह कब और किसने बनाया। एफसीआई के क्वालिटी मैनेजर शुगन सिंह ने दावा किया कि जांच में गेहूं में 10.40 प्रतिशत नमी पाई गई, जबकि नियमानुसार 12 प्रतिशत तक नमी मान्य है। वहीं गोदाम के कस्टोडियन इंचार्ज इंस्पेक्टर अंकुर जांगड़ा ने वायरल वीडियो में दिख रहे स्टैक को गोदाम का नहीं बताया। मामले को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच तनातनी बढ़ती दिखाई दे रही है।