भिवानी: पशुओं को रोगों से बचाने के लिए घर-घर टीकाकरण, जानें क्यों है खास
भिवानी में पशुओं के लिए संयुक्त वैक्सीन (मुंहखुर-गलघोंटू) अभियान शुरू। साल में 4 की जगह अब लगेंगे 2 टीके। उपनिदेशक डॉ. रविंद्र सहरावत ने किया टीकाकरण का निरीक्षण।
भिवानी। जिले में पशुओं को मुंहखुर और गलघोंटू जैसी घातक बीमारियों से बचाने के लिए पशुपालन विभाग की टीमें घर-घर जाकर टीकाकरण कर रही हैं। उपनिदेशक डॉ. रविंद्र सहरावत ने बताया कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां मुंहखुर और गलघोंटू बीमारी के लिए संयुक्त वैक्सीन लगाई जा रही है। इससे पशुओं को बार-बार होने वाले तनाव से राहत मिली है।
पशु चिकित्सक विजय सनसनवाल ने पशुपालकों की शंकाओं का समाधान करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में टीकाकरण के बाद यदि पशु को बुखार आ जाए तो दो-तीन दिन तक बुखार की दवा दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि पशुपालक इस भ्रम में न रहें कि टीका लगने से पशु का गर्भपात हो जाता है। यह टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि यदि गर्मी के कारण पशु का दूध दो-तीन दिन थोड़ा कम हो जाए तो पशु को ठंडे पानी में गुड़ घोलकर पिलाएं। यह टीकाकरण पशुओं के स्वास्थ्य और उनकी जीवन रक्षा के लिए बेहद जरूरी और फायदेमंद है।