हरियाणा वेदर अपडेट: राजस्थान से भी गर्म हुआ हरियाणा, 29 मई से मिलेगी राहत

हरियाणा में नौतपा का कहर: सिरसा 46 डिग्री के साथ सबसे गर्म। मौसम विभाग ने जारी किया लू का ऑरेंज अलर्ट। जानें कब होगी बारिश और ओलावृष्टि से मौसम में बदलाव।

चंडीगढ़: हरियाणा में नौतपा में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है. राजस्थान से आने वाली गर्म दक्षिण-पश्चिमी हवाओं ने प्रदेश को तंदूर जैसा बना दिया है. मंगलवार को सिरसा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. कई जिलों में पारा 45 डिग्री के आसपास पहुंचने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. खास बात यह है कि गर्मी के मामले में हरियाणा ने राजस्थान को भी पीछे छोड़ दिया. राजस्थान के कोटा में अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.

आज पूरे प्रदेश में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी: मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 27 मई के लिए पूरे हरियाणा में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. सिरसा, हिसार, भिवानी, रोहतक और महेंद्रगढ़ समेत अधिकांश जिलों में तेज और झुलसाने वाली गर्म हवाएं चलने की संभावना है. दोपहर के समय तापमान और अधिक बढ़ सकता है. मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बेहद जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी है. लगातार बढ़ती गर्मी के कारण डीहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, कमजोरी और चक्कर आने जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं.

28 मई की शाम से बदलेगा मौसम: मौसम विभाग के अनुसार 28 मई की शाम से हरियाणा के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. पश्चिमी और उत्तरी जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा, लेकिन अंबाला, करनाल, जींद, गुरुग्राम, रोहतक और फरीदाबाद जैसे जिलों में तेज आंधी और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है. इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.

29 मई से मिल सकती है राहत: मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार 29 मई से 1 जून तक मौसम में बड़ा बदलाव हो सकता है. पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान के ऊपर बनने वाले साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहेंगे. इस दौरान धूलभरी हवाएं, गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना है. इससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.

किसानों को विशेष सलाह:कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सुबह या देर शाम ही सिंचाई करने की सलाह दी है. दोपहर के समय खेतों में सिंचाई से मिट्टी का तापमान अधिक होने के कारण फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. कपास और हरी सब्जियों की बुवाई पूरी करने तथा खाली खेतों की गहरी जुताई करने की सलाह दी गई है. पशुपालकों को भी पशुओं को तेज धूप और गर्म हवाओं से बचाने के लिए शेड में रखने, पर्याप्त पानी और हरा चारा देने को कहा गया है.

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