भिवानी: बकरीद पर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल, गुजरानी में गोहत्या न करने का संकल्प
भिवानी में बकरीद पर उमड़ा जनसैलाब। गांव गुजरानी की मस्जिद में हिंदू, मुस्लिम और सिख भाइयों ने मिलकर लिया गोहत्या न करने का संकल्प। देश के नाम एकता का बड़ा संदेश।
भिवानी। शहर के ढाणा रोड स्थित शांति गार्डन के सामने वीरवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) पारंपरिक अकीदत के साथ मनाया गया। सुबह से ही ईदगाह और मस्जिदों में नमाजियों का तांता लगा रहा, जहां हर चेहरे पर त्योहार की रौनक और दिलों में देश के प्रति मोहब्बत नजर आई। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकवाद दी और खुशियां बांटीं।
इस मौके पर मस्जिद कमेटी के प्रधान जोरावर अली ने कहा कि भारत विविधताओं का देश है। हमारी सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि यहां विभिन्न धर्मों, जातियों और संप्रदायों के लोग आपस में मिलजुल कर रहते हैं। हम सभी मिलकर एक-दूसरे के त्योहारों को मनाते हैं और खुशियों को दोगुना करने का काम करते हैं। यही साझा संस्कृति और ताना-बाना हमारे देश की असली ताकत है।
इस दौरान पूरी व्यवस्था को सुचारु, शांतिपूर्ण और अनुशासित बनाए रखने में स्थानीय पुलिस और प्रशासन की भूमिका बेहद सराहनीय रही। मस्जिद कमेटी ने कानून-व्यवस्था और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन के बेहतरीन तालमेल और सहयोग की प्रशंसा की। इस अवसर पर हनीफ अली, हफीजुल्लाह, तय्यब अली, बंटी अली, नसीब अली, नसीरुद्दीन, मुनीर खान, यासीन खान, शरीफ खान, जाकिर हुसैन, रोशन अली, सुमित भाटिया और सुगनपाल बजाना मौजूद रहे।
गुजरानी में ईद पर जुटे हिंदू, मुस्लिम और सिख, लिया गोहत्या न करने का संकल्प
गांव गुजरानी स्थित मस्जिद से अनेकता में एकता की प्रेरणादायी तस्वीर सामने आई है। जिसने पूरे समाज को सांप्रदायिक सौहार्द का एक नया रास्ता दिखाया है। वीरवार को बकरीद पर गांव की मस्जिद में आयोजित कार्यक्रम में केवल मुस्लिम समाज के लोग ही नहीं, बल्कि हिंदू और सिख समाज के प्रबुद्ध नागरिक और किसान नेता भी एकत्रित हुए। इस अवसर पर सभी धर्मों के लोगों ने गोहत्या न करने का संकल्प लिया।