फरीदाबाद नगर निगम में बड़ा संकट: मेयर और 46 पार्षदों को सरकार का नोटिस

फरीदाबाद नगर निगम के मेयर और पार्षदों को 7 दिन में जवाब देने का अल्टीमेटम। 14 महीनों से फाइनेंस कमेटी न बनने पर सरकार सख्त। विकास कार्य ठप होने पर मांगी सफाई।

फरीदाबाद: फरीदाबाद नगर निगम एक बार फिर विवादों में आ गया है. हरियाणा सरकार ने नगर निगम के मेयर और 46 पार्षदों को शो कॉज नोटिस जारी कर 7 दिन के भीतर जवाब मांगा है. सरकार का आरोप है कि पिछले 14 महीनों से फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी का गठन नहीं किया गया, जिससे करोड़ों रुपये के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं.

चुनाव और शपथ के बाद भी अधूरी प्रक्रिया: दरअसल, नगर निगम चुनाव 2 मार्च 2025 को हुए थे, जबकि 25 मार्च को मेयर और पार्षदों ने शपथ ली थी. इसके बावजूद अब तक सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव नहीं कराया गया. साथ ही नगर निगम की सबसे अहम फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी भी गठित नहीं हो सकी.

“विकास कार्यों की फाइलें लंबित”: सरकार ने नोटिस में कहा है कि फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी नहीं बनने से सड़क, सीवर, सफाई और अन्य जरूरी विकास कार्यों की फाइलें लंबित पड़ी हैं. सरकार के अनुसार 10 करोड़ रुपये तक के विकास कार्यों की मंजूरी इसी कमेटी के माध्यम से दी जाती है, लेकिन कमेटी के अभाव में प्रशासनिक फैसले अटक गए हैं.

नियमों के उल्लंघन का आरोप: सरकार ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम की बैठकें नियमित रूप से नहीं हो रही हैं और हरियाणा म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट के नियमों का पालन सही तरीके से नहीं किया जा रहा. नोटिस में म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट की धारा 398(1) का हवाला देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

“सरकार खुद संभाल सकती है जिम्मेदारी”: नोटिस में साफ कहा गया है कि यदि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो सरकार कड़ी कार्रवाई कर सकती है. इतना ही नहीं, सरकार खुद कमेटी गठित कर विकास कार्यों की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले सकती है. नगर निगम आयुक्त को भी आदेश की कॉपी भेजते हुए 29 मई तक जवाब सौंपने के निर्देश दिए गए हैं. अब सभी की नजर मेयर और पार्षदों के जवाब पर टिकी हुई है.

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