पंचकूला: 12 साल की बच्ची से छेड़खानी करने वाले दुकानदार को जेल; POCSO कोर्ट का बड़ा फैसला

पंचकूला में मासूम से छेड़खानी करने वाले दोषी को पॉक्सो एक्ट के तहत 3 साल की सजा। डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने दी अभिभावकों को खास सलाह। बच्चों की सुरक्षा पर सख्त संदेश।

पंचकूला: पंचकूला में 12 साल की एक मासूम बच्ची के साथ छेड़खानी और उसे जान से मारने की धमकी देने के मामले में अदालत ने दोषी को कड़ी सजा दी है. पंचकूला की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीष दुआ ने दोषी को धारा 8 पॉक्सो एक्ट के तहत तीन साल के कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. साथ ही धमकी देने की धारा 506 के तहत एक साल की जेल और तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी.

2023 में दुकानदार ने की छेड़खानी: दरअसल, साल 2023 की एक शाम, जब 12 वर्षीय बच्ची घर के पास दुकान में सामान लेने गई थी तो वहां काम करने वाले एक व्यक्ति ने बच्ची को जबरदस्ती दुकान के अंदर खींच लिया. फिर उसके साथ छेड़खानी की और धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया तो वह उसे जान से मार देगा. बच्ची ने रोते हुए घर आकर अपनी मां और पिता को सब सच बता दिया. इसके बाद पिता की शिकायत पर पंचकूला में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया.

आरोपी दो दिन में गिरफ्तार:डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता के मुताबिक इस मामले की जांच बहुत ही संवेदनशीलता से की गई. बच्ची का अस्पताल में मेडिकल कराया गया और कोर्ट में जज के सामने उसके बयान दर्ज कराए गए. बच्ची के डर को दूर करने के लिए उसकी काउंसिलिंग भी कराई गई. इस मामलें में आरोपी को दो दिन में ही गिरफ्तार कर लिया गया था. सभी सबूत और गवाह समय पर कोर्ट में पेश किए गए, जिस कारण आज, बुधवार को कोर्ट ने दोषी को सलाखों के पीछे भेज दिया.

डीसीपी का सख्त संदेश: डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि, “बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सबसे जरूरी है. इस केस में पुलिस टीम ने तेजी से काम किया और सारे पुख्ता सबूत जुटाए, जिससे अपराधी बच नहीं सका. पुलिस समाज में ऐसा माहौल बनाना चाहती है, जहां बच्चे पूरी तरह सुरक्षित रहें. बच्चों के साथ गलत करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.”

माता-पिता के लिए जरूरी सलाह: डीसीपी ने कहा कि, “मां-पिता अपने बच्चों से रोजाना खुलकर बात करें. यदि बच्चा अचानक शांत रहने लगे, डरे या किसी जगह जाने से मना करे तो उसकी बात को ध्यान से सुनें. साथ ही अपने बच्चों को आसान शब्दों में अच्छे और बुरे स्पर्श का फर्क सिखाएं. उन्हें बताएं कि अगर कोई उन्हें गलत तरीके से छूता है तो वे बिना डरे तुरंत अपने माता-पिता को बताएं. यदि किसी बच्चे के साथ ऐसी कोई गलत हरकत होती है तो समाज के डर से चुप न बैठें, बल्कि तुरंत पुलिस को बताएं. पुलिस पीड़ित बच्चे का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखती है और अपराधी पर सख्त कार्रवाई करती है.”

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