बराड़ा मुठभेड़: बुजुर्ग महिला से लूट करने वाले UP के 2 बदमाश गिरफ्तार

बराड़ा की करनाल कॉलोनी में बुजुर्ग महिला से लूट करने वाले बदमाशों और पुलिस में मुठभेड़। सीआईए नारायणगढ़ ने पैर में गोली लगने के बाद 2 आरोपियों को दबोचा। मास्टरमाइंड फरार।

बराड़ा : बराड़ा की करनाल कॉलोनी में दिनदहाड़े बुजुर्ग महिला के घर में घुसकर लूटपाट व स्नेचिंग की सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को सीआईए नारायणगढ़ ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। वहीं आरोपियों के पास से दो देशी तमंचे भी बरामद किए हैं।

बीती रात बराड़ा फ्लाईओवर के निकट सीआईए व पुलिस टीम की बदमाशों के साथ आमने-सामने मुठभेड़ हो गई, जिसमें दो आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जबकि तीसरा आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है। सीआईए नारायणगढ़ को सूचना मिली थी कि करनाल कॉलोनी में 70 वर्षीय विद्या देवी के घर में घुसकर सोने की बालियां व अंगूठी छीनने वाले आरोपी क्षेत्र में घूम रहे हैं और किसी अन्य वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देखकर आरोपियों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन उनके तमंचे से गोली नहीं चली, जबकि जवाबी कार्रवाई में पुलिस द्वारा की गई फायरिंग के दौरान दो आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जिससे वे घायल होकर गिर पड़े। पुलिस ने मौके पर ही दोनों को काबू कर लिया।

UP के रहने वाले हैं आरोपी 

पकड़े गए दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं जिनमें एक लगभग 28 वर्षीय उधम सिंह और दूसरा लगभग 19 वर्षीय रितिक है। जबकि इनका तीसरा साथी मास्टर माइंड दिलीप सिंह अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

बता दें कि 28 मई शाम को  करनाल कॉलोनी निवासी विद्या देवी अपने घर में बैठी थीं, तभी मोटरसाइकिल पर सवार तीन नकाबपोश युवक घर में घुस आए थे। आरोपियों ने महिला के कानों से सोने की बालियां और अंगूठी छीन ली थी तथा चूड़ियां छीनने में असफल रहने पर पिस्तौल की बट से हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इस वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था  प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस वारदात का मास्टर माइंड दिलीप सिंह यूपी का ही रहने वाला है और अब घर किसी मामले के चलते सहारनपुर जेल में बंद था। वहीं उसकी मुलाकात ऋतिक व उधम सिंह से हुई थी। ऋतिक पहले ही एक स्नेचिंग के मामले में जेल में आया हुआ था। वहीं इन लोगों की प्लानिंग हुई थी और दिलीप उनको लेकर बराड़ा आया था। दिलीप को इस घर के बारे में पूरी जानकारी थी। ये टीमों उधम सिंह की बाइक पर आए थे और पहचान छुपाने के लिए इन्होंने सिख का भेष धारण कर लिया था।

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