ग्रेटर नोएडा वेस्ट सोसाइटियों में जानलेवा निर्माण! प्लास्टर गिरने से दहशत
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाईराइज सोसाइटियों में प्लास्टर गिरने की घटनाएं बढ़ीं। सुपरटेक इको विलेज और अजनारा ली गार्डन में टले बड़े हादसे। निवासियों ने की ऑडिट की मांग।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाईराइज सोसाइटियों में रहने वाले हजारों परिवारों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. लाखों-करोड़ों रुपए खर्च कर अपने सपनों का घर खरीदने वाले लोग अब इमारतों की गुणवत्ता को लेकर चिंता में हैं. हाल के दिनों में कई सोसाइटियों में प्लास्टर और निर्माण सामग्री गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे बड़े हादसों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है.
ताजा मामला सुपरटेक इको विलेज-1 सोसाइटी का है. देर रात आई तेज आंधी के दौरान एक टावर की 20वीं मंजिल से प्लास्टर का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया. यह मलबा नीचे खुले क्षेत्र में खड़ी एक कार पर आ गिरा, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया. राहत की बात यह रही कि घटना के समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था.
अजनारा ली गार्डन में भी टला बड़ा हादसा
सुपरटेक इको विलेज-1 की घटना के साथ ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अजनारा ली गार्डन सोसाइटी से भी चिंताजनक मामला सामने आया है. यहां एक फ्लैट के कमरे की छत से अचानक प्लास्टर का बड़ा हिस्सा टूटकर सीधे बेड पर गिर पड़ा. घटना के समय कमरे में एक महिला और उसका बेटा मौजूद थे. हालांकि दोनों बाल-बाल बच गए, लेकिन हादसे ने परिवार को झकझोर कर रख दिया. निवासियों का कहना है कि अगर प्लास्टर कुछ सेकंड पहले या किसी अन्य दिशा में गिरता तो गंभीर चोट लग सकती थी.
पहले भी जा चुकी है एक व्यक्ति की जान
कुछ दिन पहले ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अरिहंत अंबर सोसाइटी में भी प्लास्टर गिरने की घटना हुई थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. उस घटना के बाद सोसाइटी निवासियों ने निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल उठाए थे. इसके बावजूद विभिन्न सोसाइटियों में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. इससे साफ है कि समस्या केवल किसी एक सोसाइटी तक सीमित नहीं है, बल्कि कई हाईराइज इमारतों में निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर चिंताएं मौजूद हैं.
बिल्डरों के दावों पर उठ रहे सवाल
सोसाइटी निवासियों का कहना है कि फ्लैट बेचते समय बिल्डर मजबूत निर्माण, आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षित आवास का दावा करते हैं, लेकिन कुछ वर्षों के भीतर ही दीवारों में दरारें, सीलन और प्लास्टर झड़ने जैसी समस्याएं सामने आने लगती हैं. निवासियों के अनुसार,. बच्चे सोसाइटी परिसर में खेलते हैं, बुजुर्ग नियमित रूप से टहलने निकलते हैं और लोग खुले क्षेत्रों में आते-जाते रहते हैं. ऐसे में ऊंची इमारतों से गिरने वाला मलबा किसी भी समय किसी की जान ले सकता है.
स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग तेज
लगातार हो रही घटनाओं के बाद लोगों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और RERA से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. निवासियों का कहना है कि सभी हाईराइज सोसाइटियों का व्यापक स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाना चाहिए. उनका मानना है कि केवल मरम्मत या खानापूर्ति से समस्या का समाधान नहीं होगा. निर्माण गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में इससे भी बड़े हादसे हो सकते हैं.