भिवानी सड़क हादसा: NH-709ई पर कार पलटने से गृह मंत्रालय कर्मचारी की मौत

भिवानी में हाईवे-709ई पर पेड़ और बिजली के पोल से टकराई कार। गृह मंत्रालय में तैनात कर्मचारी की मौत, दिल्ली पुलिस के दो कर्मचारी घायल।

भिवानी। दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे-709ई पर गांव ढाणी ब्राह्मणान के समीप सोमवार सुबह करीब सात बजे एक अनियंत्रित कार पेड़ और बिजली पोल से टकराकर पलट गई। हादसे में राजस्थान के चूरू जिले के गांव भैंसली निवासी राकेश कुमार की मौत हो गई जबकि दिल्ली पुलिस में कार्यरत वीरेंद्र और उनकी पत्नी सरोज गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों का हिसार के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।

जूईकलां थाना के जांच अधिकारी संदीप कुमार के अनुसार राजस्थान के चूरू जिले के गांव भैंसली निवासी राकेश कुमार सोमवार सुबह अपनी कार से दिल्ली स्थित गृह मंत्रालय में ड्यूटी के लिए जा रहे थे। उनके साथ गांव के ही वीरेंद्र और उनकी पत्नी सरोज भी सवार थे। दोनों भी दिल्ली में अपनी ड्यूटी के लिए जा रहे थे और दिल्ली पुलिस में कर्मचारी हैं।

सोमवार सुबह करीब सात बजे जब उनकी कार गांव ढाणी ब्राह्मणान के समीप पहुंची तो अचानक अनियंत्रित होकर पहले सड़क किनारे खड़े पेड़ और फिर बिजली के पोल से जोरदार टक्कर के बाद पलट गई। हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की मदद से तीनों को पहले गांव लोहानी के अस्पताल पहुंचाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद हिसार रेफर कर दिया गया।

इसी दौरान राकेश कुमार की हालत अधिक बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें भिवानी के जिला नागरिक अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वीरेंद्र और उनकी पत्नी सरोज को हिसार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका उपचार जारी है।

उपनिरीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के शव का जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। मृतक के पिता महेंद्र सिंह के बयान दर्ज कर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की गई है।

मृतक एक साल के बेटे का था पिता
राजस्थान के भैंसली गांव निवासी राकेश कुमार दिल्ली में गृह मंत्रालय में तैनात थे। उनके ससुर बीरेंद्र ने बताया कि राकेश का एक साल का बेटा है। हादसे की सूचना मिलने के बाद परिजन भिवानी पहुंच गए। हादसे के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में है क्योंकि राकेश पहले भी छुट्टी पर घर आता था और कार से ही दिल्ली ड्यूटी पर जाता था। राकेश दो भाइयों में छोटा था। उनके पिता महेंद्र सिंह गांव में खेतीबाड़ी करते हैं।
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