ED Raid: सोसाइटी धोखाधड़ी मामले में 663 करोड़ की संपत्ति जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोसाइटी धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 663 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की। सोना, चांदी और नकदी भी बरामद। पढ़ें पूरी डिटेल।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को सोसाइटी के सदस्यों के साथ धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें मंगल सैन मित्तल, अनिल शर्मा और उनके सहयोगियों तथा दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम में व्यावसायिक संस्थाओं के आठ आवासीय और व्यावसायिक परिसरों में छापेमारी शामिल रही। आरोपियों के यहां से 663 करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।

सोना-चांदी भी जब्त

ईडी के छापेमारी के दौरान विभिन्न डिजिटल उपकरण, आपत्तिजनक दस्तावेज, संपत्ति संबंधी दस्तावेज, लेखापरीक्षित वित्तीय विवरण, मिलान डेटा, धन गबन का विवरण आदि बरामद और जब्त किए गए। ईडी द्वारा जब्त की गई संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 663 करोड़ रुपये है, जिसमें 55 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी, 1.85 करोड़ रुपये का सोना, 1.95 करोड़ रुपये का सोने का आभूषण और लगभग 100 किलोग्राम चांदी (जिसका मूल्य 2.28 करोड़ रुपये है) शामिल है। आरोपियों की संपत्तियां कार्यवाही के दौरान जब्त कर ली गईं।

34 अनधिकृत सदस्यताएं वैध रूप से बेचीं

ईडी के छापेमारी के दौरान पता चला कि स्वीकृत सदस्यता की सीमा 98 के मुकाबले अनिल शर्मा और मंगल सैन ने 34 अनधिकृत सदस्यताएं वैध रूप से बेचीं। आरोपियों ने फ्लैटों (जिनकी कीमत 3500 रुपये से 4000 रुपये प्रति वर्ग फुट थी) की बिक्री और वसूली के लिए दोहरी भुगतान प्रणाली का संचालन किया। जिसमें आधिकारिक बैंक खातों और नकद दोनों माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। अब तक की जांच से पता चला है कि कुल 90.50 करोड़ रुपये की वसूली हुई है, जिसमें अवैध माध्यमों और नकद दोनों से प्राप्त राशि शामिल है।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सोसाइटी की धनराशि को आरोपियों द्वारा नियंत्रित व्यावसायिक संस्थाओं में स्थानांतरित किया गया था। बैंक खातों की जांच में हेरीफेरी का पता चलता है, जिसमें एमआईज कॉनोइसर इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड और अनिल शर्मा के खातों में जमा 12 करोड़ रुपये नकद भी शामिल हैं।

क्या है पूरा मामला

शांति निकेतन को-ऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड (एसजीएचएस) के सदस्यों को कथित तौर पर धोखा देने का मामला अनिल शर्मा, अरुण शर्मा, मंगल सैन मित्तल और अन्य के खिलाफ सुशांतलोक थाने में मामला दर्ज है। इसके आधार पर ईडी ने जांच शुरू की। आरोपियों पर शांति निकेतन को-ऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड के सदस्यों को धोखा देने का आरोप है। जांच में पता चला है कि मंगल सैन (उस समय सोसाइटी के अध्यक्ष) ने अनिल शर्मा और अरुण शर्मा (विज कॉनोइसर इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड/सीआईपीएल के निदेशक) के साथ मिलकर धोखाधड़ी से सोसाइटी पर कब्जा कर लिया।

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