कुरुक्षेत्र: मलेरिया की वापसी, बाढ़ के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट; जानें बचाव
मानसून की पहली बारिश के बाद कुरुक्षेत्र का 'मलेरिया मुक्त' टैग हटा। बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, डेंगू-मलेरिया से बचने के लिए जारी की एडवाइजरी।
कुरुक्षेत्रः मानसून की पहली बारिश ने जहां भीषण गर्मी से राहत दी है. वहीं इस बारिश ने स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ा दी है. कुरुक्षेत्र का आधा क्षेत्र बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आता है. इस बार फिर पहली बरसात के कारण ही शाहाबाद मारकंडा में पानी आने के चलते काफी क्षेत्र बाढ़ से ग्रस्त हो गया है जिसको लेकर अब स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने कमर कस ली है.
मलेरिया मुक्त कुरुक्षेत्र का टैग हटाः वहीं कुरुक्षेत्र का मलेरिया मुक्त का टैग हट गया है. पिछले 5 सालों तक जिले में मलेरिया का एक भी मामला सामने नहीं आया लेकिन हाल ही में हुई मानसूनी बारिश के बाद स्वास्थ्य विभाग के दावों को बड़ा झटका लगा है.
मलेरिया पॉजीटिव केस मिलाः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात में कुरुक्षेत्र जिले की प्रशंसा करी थी कि 5 साल में एक बार भी यहां मलेरिया पॉजीटिव केस नहीं आया पर अब यह रिकॉर्ड टूट चुका है. कुरुक्षेत्र में मलेरिया पॉजीटिव केस आ चुका है जबकि इस केस की हिस्ट्री बाहर की है.
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड मेंः कुरुक्षेत्र के डिप्टी सीएमओ रमेश सबरवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि “मलेरिया और डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है. हमारी टीम में लगातार लोगों को जागरूक करने के लिए घर-घर जा रही हैं और लोगों को जागरुक कर रही हैं.”
मारकंडा नदी से कई गांवों में बाढ़ का पानीः कुरुक्षेत्र में शाहबाद हल्के के कुछ गांव शाहाबाद मारकंडा नदी की पानी की चपेट में है जिसके कारण गांव में पानी आ चुका है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो चुका है और हमारी टीमें उन गांवों में पहुंच चुकी है ताकि कोई बीमारी न फैल सके और लोगों को भी डेंगू, मलेरिया, डरिया जैसी घातक बीमारियों से बचाया जा सके. शहर में भी हमारी मलेरिया डेंगू की टीम में घर-घर जाकर लोगों से मिल रही है और बातचीत कर रही है.
निरीक्षण के दौरान लोगों को किया जा रहा है जागरूकः लोगों को मलेरिया और डेंगू के बारे में बता रही है और उनके घरों के निरीक्षण भी कर रही है. उन्हें जानकारी भी दे रहे हैं कि घरों में रखे गमले कूलर और फ्रिज के पीछे ट्रे के पानी को साफ करते रहे. आपको बता दे की बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पिछले साल बच्चों सहित आठ लोगों की बाढ़ के पानी के चलते बीमारी फैलने के कारण मौत हुई थी लेकिन इस बार जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने समय रहते मोर्चा संभाल लिया है ताकि पिछले साल की तरह इस तरह कोई भी व्यक्ति बीमारी की चपेट में ना आए.
साफ पानी में बनता है डेंगू का लार्वा: डेंगू का लार्वा साफ पानी में बनता है और मलेरिया का मच्छर जो गंदे पानी में बनता है इसीलिए कूलर की सफाई करते रहे और गमले में और ऊपर रखे समान में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें.