यमुनानगर: बोली नदी में अचानक बढ़ा जलस्तर, 20-25 गांवों का टूटा संपर्क
हिमाचल और उत्तराखंड की बारिश का असर यमुनानगर में दिखा। बोली नदी में अचानक पानी आने से 20-25 गांवों का संपर्क टूटा, 30 साल से पुल की मांग कर रहे ग्रामीण।
यमुनानगर : हिमाचल और उत्तराखंड में हुई बारिश का असर अब यमुनानगर में भी दिखाई देने लगा है। सूखी पड़ी बोली नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से 20 से 25 गांवों का संपर्क टूट गया है। पुल नहीं होने के कारण राहगीर पिछले दो घंटे से पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि वे पिछले 30 वर्षों से यही परेशानी झेल रहे हैं और कई बार जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बावजूद आज तक पुल का निर्माण नहीं हुआ।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हुई भारी बारिश का असर अब यमुनानगर में भी साफ दिखाई देने लगा है। सूखी पड़ी बोली नदी में अचानक पानी का तेज बहाव आ गया, जिससे नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। नदी पर पुल नहीं होने के कारण करीब 20 से 25 गांवों का संपर्क टूट गया और दोनों ओर लोगों की लंबी कतारें लग गईं। हालात ऐसे हैं कि राहगीर पिछले दो घंटे से पानी कम होने का इंतजार करने को मजबूर हैं।कई लोग जरूरी काम, इलाज, स्कूल और दफ्तर जाने के लिए निकले थे, लेकिन नदी के तेज बहाव ने उनकी राह रोक दी।
लोगों का कहना है कि हर बरसात में यही परेशानी सामने आती है। गुस्साए ग्रामीणों ने कहा कि पिछले 30 वर्षों से वे यही हालात झेल रहे हैं। कई बार विधायक, सांसद और प्रशासनिक अधिकारियों से पुल निर्माण की मांग की गई, ज्ञापन दिए गए, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं निकला। हर साल बारिश आते ही हजारों लोगों की जिंदगी प्रभावित होती है और गांवों का संपर्क पूरी तरह कट जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पुल का निर्माण किया गया होता तो आज लोगों को घंटों इंतजार नहीं करना पड़ता।