Gen Z Politics in India: पीएम मोदी से लेकर विपक्ष तक, देश की सियासत के केंद्र में आए युवा और छात्र आंदोलन

छात्र प्रदर्शन और पेपर लीक मामलों के बाद देश की राजनीति में Gen Z और युवाओं की बढ़ी भूमिका। पीएम मोदी के इंस्टाग्राम रिकॉर्ड से लेकर चुनाव लड़ने की उम्र 21 करने की मांग तक की पूरी खबर।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक मामले और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों के सफल प्रदर्शन के बाद देश की सियासत बदल गई है. पीएम नरेंद्र मोदी भी युवाओं के संवाद करने पर जोर देने लगे हैं. वह खुद युवाओं के पसंदीदा प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर आ गए हैं और लगातार संवाद कर रहे हैं. अपने मंत्रियों से भी ऐसा करने को कहा है. यही नहीं विपक्ष की ओर से अब यह मांग भी की जाने लगी है कि चुनाव लड़ने की उम्र घटाकर 21 साल कर दिया जाना चाहिए.

पीएम मोदी ने पिछले हफ्ते छात्रों के आंदोलन के बीच गुरुवार को इंस्टाग्राम पर छात्रों को संबोधित करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए 24 घंटे में 303 मिलियन यानी 303 करोड़ से अधिक व्यूज का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना लिया था. Gen Z के साथ अपना संबंध बनाए रखने के लिए PM मोदी ने इंस्टा के और वीडियो भी पोस्ट किए.

Gen Z के लिए इंस्ट्रा पर आए PM मोदी

यही नहीं पीएम मोदी ने अपने कैबिनेट के मंत्रियों और अन्य नेताओं को भी इंस्टाग्राम पर एक्टिव होने की सलाह दी. छात्र आंदोलन के बीच खुद पीएम लगातार Gen Z युवाओं से संपर्क में हैं. कल रविवार को विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रधानमंत्री ने युवाओं से संवाद किया.

उन्होंने युवाओं से संवाद करते हुए कहा, “मेरे देश के युवा के लिए सबसे पहले देश है. एक भारत और श्रेष्ठ भारत दूसरे लोगों को भी प्रेरित करेगा. सही में आपकी रील्स देखकर आपके आंध्र प्रदेश वाले दोस्त कोमा में आ गए होंगे. पीएम मोदी ने युवाओं से आह्वान किया कि अपने भ्रमण के बारे में लोगों को बताएं और लोगों की इस बारे में जागरूक करें.”

बीजेपी का दिल्ली में युवा संवाद कार्यक्रम

पीएम मोदी की राह पर चलते हुए भारतीय जनता पार्टी की ओर से युवाओं से संपर्क बनाए रखने की मुहिम शुरू कर दी गई है. बीजेपी के दिल्ली अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ​​ने रविवार को “युवा संवाद (Gen-Z with Modi) कार्यक्रम” आयोजित किया. इस कार्यक्रम में दिल्ली के अलग-अलग यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में हायर एजुकेशन ले रहे करीब 50 युवा छात्र और उनके साथ आए कुछ माता-पिता शामिल हुए.

इस मंच पर युवाओं ने जंतर-मंतर पर CJP द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन पर अपने विचार रखे. हालांकि उन्होंने इस विरोध प्रदर्शन को अनुचित बताया और कहा कि कोई भी आंदोलन सकारात्मक सोच से प्रेरित होना चाहिए जो देश और समाज को एकजुट करे. उनका कहना है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंदू-विरोधी और देश-विरोधी बातें कही गईं, जो देश की एकता और सामाजिक सद्भाव के लिए हानिकारक हैं.

बांकीपुर उपचुनाव में Gen Z पर नजर

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान बिहार की बांकीपुर सीट पर उपचुनाव कराए जा रहे हैं . वहां भी Gen-Z बिरादरी की जमकर चर्चा की जा रही है. पक्ष और विपक्ष दोनों Gen-Z युवाओं के साथ अपने अच्छे संबंध बनाए रखने की जुगत में लगे हैं.

बांकीपुर से पहली बार चुनाव लड़ रहे प्रशांत किशोर ने जंतर-मंतर पर हुए छात्रों का आंदोलन और लाठीचार्ज पर कहा, “यह प्रदर्शन सिर्फ जंतर-मंतर पर ही नहीं हुआ बल्कि देश के कोने-कोने में हुआ. जिस तरह से छात्रों को पिटवाया गया उसका असर बांकीपुर में दिखेगा. बेंगलुरु में दिखेगा. केरल में दिखेगा और गुजरात में भी दिखेगा.” प्रशांत किशोर अपने चुनाव प्रचार में युवाओं को मंच पर ला रहे हैं और मोदी सरकार तथा राज्य की सम्राट चौधरी सरकार के खिलाफ उनका इस्तेमाल कर रहे हैं.

मनोज तिवारी का युवाओं से संवाद-सेल्फी

अब बीजेपी ने भी बांकीपुर में युवाओं खासकर Gen-Z बिरादरी के साथ अच्छे संबंध बनाने की कोशिश शुरू कर दी है. दिल्ली से सांसद और भोजपुरी गायक मनोज तिवारी ने इसी मुहिम के जरिए युवाओं से संपर्क साधा और उनके साथ संवाद भी किया. इस कार्यक्रम के बाद मनोज तिवारी ने छात्रों के साथ एक सेल्फी भी लगी.

विपक्षी दल भी इससे पहले युवाओं के साथ पक्ष लेने की मुहिम में जुटा है. छात्र आंदोलन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार युवाओं की बात करते रहे हैं. छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद वह घायल छात्रों से मिले भी. साथ ही उनके हक में लड़ने की बात भी कह रहे थे. वह मोदी सरकार से सवाल कर रहे हैं कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया था.

विपक्ष भी युवाओं से लगातार जुड़ने में जुटा

पेपर लीक मामले में उत्तराखंड में छात्रों के साथ संवाद करने के बाद राहुल गांधी लगातार युवाओं की मांगों का समर्थन करते रहे. पीएम मोदी की रील पर युवाओं की मौजूदगी में कांग्रेस नेता ने कहा, “पीएम मोदी करोड़ों छात्रों का भविष्य बर्बाद करने के बाद अब आधी रात की रील से उनका वक्त बर्बाद मत कीजिए. लाठीचार्ज के दोषियों पर एक्शन लिया जाए और छात्रों से माफी मांगी जाए. इससे कम कुछ भी मंजूर नहीं होगा.”

विपक्षी दलों की ओर से चुनाव लड़ने की उम्र घटाने की मांग पिछले कुछ समय से की जा रही है. अब तेलंगाना के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि चुनाव लड़ने की उम्र 25 से घटाकर 21 कर दिया जाना चाहिए.

चुनाव लड़ने की उम्र 21 करने की मांग तेज

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवाओं में छिपी नेतृत्व कुशलता को बाहर लाने और देश का भविष्य संवारने में उन्हें सक्रिय रूप से शामिल करने की बहुत जरूरत है. उन्होंने केंद्र से अपील की कि वह विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम उम्र 25 साल से घटाकर 21 साल करने के लिए संविधान में संशोधन करे.

इससे पहले सीएम रेड्डी ने शनिवार को यह ऐलान किया था कि तेलंगाना सरकार जल्द ही विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाएगी ताकि एक प्रस्ताव पास करके केंद्र से लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की उम्र घटाकर 21 साल करने की मांग की जाएगी. उनका कहना है कि कि 21 साल के युवा अगर IAS और IPS अधिकारी बनने के योग्य हैं तो वह चुनाव क्यों नहीं लड़ सकते.

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