नोएडा में 1400 करोड़ के ऐप घोटाले से जुड़े चीनी नागरिक का खुलासा, फर्जी दस्तावेज बरामद
नोएडा एसटीएफ ने 10 फर्जी कंपनियों के जरिये करोड़ों रुपये का हवाला कारोबार करने वाले चीनी नागरिक लियो लॉन्गहुई, सीए और एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार किया है।
नोएडा एसटीएफ ने फर्जी कंपनियों के माध्यम से देश से सैकड़ों करोड़ रुपये हवाला के जरिये विदेश भेजने वाले चीन के नागरिक और उसके सहयोगी एक सीए समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके द्वारा 10 फर्जी कंपनियां बनाकर मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही थी।
नोएडा में अवैध रूप से रह रहे चीनी नागरिक ने मिजोरम के पते पर अपना भारतीय आधार कार्ड भी फर्जी तरीके से बनवा लिया था। इस संबंध में एसटीएफ की ओर से केंद्रीय एजेंसियों को रिपोर्ट भेजी गई है। एसटीएफ के एएसपी आरके मिश्रा ने बताया कि नोएडा के सेक्टर-83 स्थित संदिग्ध कंपनी वाईटीएल मैन्यूफैक्चरिंग पीवीटी एलटीडी के संबंध में जानकारी मिली थी, जो एक चीनी नागरिक लियो लॉन्गहुई द्वारा संचालित की जा रही थी। चार्टर्ड एकाउंटेंट संजीव और कौशलेंद्र भी कंपनी चला रहे थे।
10 फर्जी कंपनियों का खुलासा
एसटीएफ ने जब उनसे पूछताछ की और उनके ठिकानों की तलाशी ली तो इस पूरे गैंग का खुलासा हुआ। इसके बाद बुधवार देर रात उनकी गिरफ्तारी की गई। उनके द्वारा बनाई गई 10 फर्जी कंपनियों का अब तक खुलासा हो चुका है। इसमें दो कंपनी हांगकांग, दो दिल्ली और छह गौतमबुद्ध नगर के पते पर रजिस्टर्ड हैं। इनके माध्यम से 50 करोड़ से अधिक रुपये विदेश भेजे जा चुके हैं और अभी जांच जारी है। सैकड़ों करोड़ रुपये अवैध तरीके से चीन भेजने का अंदेशा है। जो फर्जी कंपनियां सामने आई हैं, उनमें जेएनएस इंफ्रा हाइट्स पीवीटी. एलटीडी. रिफान एंटरप्राइजेज इंडिया पीवीटी. एलटीडी., टिडीडेस्क एसेंशियल पीवीटी. एलटीडी, जेड वन एंटरप्राइजेज आदि हैं। उसने अपने चालक देवेंद्र के नाम से भी हनुराज ट्रेडिंग सॉल्यूशन पीवीटी. एलटीडी नामक शेल कंपनी बनाई। इसके अतिरिक्त कई अन्य फर्जी कंपनियां जैसे उपमेक्स इंडिया पीवीटी. एलटीडी. मेजटेक पावर इंडिया पीवीटी. एलटीडी., एक्सीलेंस मोबाइल टेक इंडिया पीवीटी. एलटीडी. और हांगकांग में रजिस्टर्ड हक हैंको कम्युनिकेशन ट्रेडिंग को. व हक इंचियो लिमिटेड का भी पता चला है।
वीजा खत्म होने पर वापस नहीं लौटा
चीनी नागरिक लॉन्गहुई वर्ष 2018 में भारत आया था और उसका 2020 में ही वीजा समाप्त हो गया। इसके बाद वह कभी लौटकर वापस चीन नहीं गया और उसने भारत में ही अपनी फर्जी कागज भी तैयार करा लिए। उसके घर से एसटीएफ को एक आधार कार्ड भी मिला है। चीनी नागरिक ने नागालैंड के कोहिमा के पते पर फर्जी तरीके से आधार बनवाया था और इसमें उसका नाम सैमुएल था।
फर्जी आधार कार्ड भी बरामद
चीनी नागरिक द्वारा बनवाया गया फर्जी आधार कार्ड, दो चीनी पासपोर्ट, दो पैन कार्ड, चार करोड़, 72 लाख 69 हजार रुपये के चेक, पांच लैपटॉप, नौ मोबाइल, एक टैब, दस कंपनियों की मुहरें, 11 चेक बुक बरामद हुए।
तलाशी से मामला खुला
एसटीएफ के एएसपी आरके मिश्रा ने बताया कि चीन के नागरिक को संदेह होने पर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। वह कागजात नहीं दिखा सका और फ्लैट पर होने की बात कही। फ्लैट में फर्जी कंपनियों के कागजात और संदेहास्पद चीजें मिलीं।
कर्मचारियों और चालक के नाम फर्जी कंपनियां बनाईं
एसटीएफ ने बताया कि चीन के नागरिक ने अपनी कंपनियों के कर्मचारियों और चालक के नाम पर भी फर्जी कंपनियां बना रखी थीं। इनके कंपनियों के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही थी। चीनी नागरिक लियो लॉन्गहुई ने पूछताछ में बताया कि वह वर्ष 2018 में भारत आया और अपने ससुर मूंगे यू और साले कीपिंग तंग द्वारा बनाई गई कंपनी वाईटीएल मैन्युफैक्चरिंग पीवीटी. एलटीडी संचालित करने लगा। यह कंपनी मोबाइल फोन के कवर बनाती थी। वह चीन से आने वाले रॉ मैटेरियल को महंगे दामों पर मंगाता और इससे बने सामान को दिल्ली के बाजारों खास तौर पर करोल बाग और नेहरू पैलेस में अंडर इंवॉइसिंग करके बेचता था। शेष धन को हवाला से मंगाता था।
1400 करोड़ से अधिक की ठगी से तार जुड़े
एसटीएफ के इंस्पेक्टर सचिन कुमार ने बताया कि यह मामला वर्ष 2019 में हुए खुलासे से जुड़ा है। उस दौरान गिरफ्तार रवि उर्फ नटवरलाल इसकी कंपनी वाईटीएल मैन्युफैक्चरिंग पीवीटी. एलटीडी में शेयर होल्डर रहा था। रवि सात साल से जेल में है। मामले के तार 1400 करोड़ से अधिक की ठगी से जुड़े हैं। लोन और गेमिंग ऐप के जरिये यह ठगी हुई थी। एसटीएफ चार साल से जांच में लगी है। अब तक 12 चीनी नागरिक समेत 24 दबोचे जा चुके हैं।
ये आरोपी पकड़े गए
लियो लॉन्गहुई निवासी चीन। वह वर्तमान में पूर्वांचल सिटी सेक्टर-93 में रह रहा था। सीए संजीव कुमार निवासी 1902 प्रतीक ग्रैंड सिटी सिद्धार्थ विहार गाजियाबाद। कौशलेंद्र निवासी ग्राम गोकलपुर थाना सराय शीश जनपद औरेया।