Heavy Rain in Noida: नोएडा में भारी बारिश से शहर बना समंदर! अंडरपास डूबे, सेक्टर-16 में डिवाइडर गिरने से हादसा

नोएडा में भारी बारिश के बाद बरौला गांव, सेक्टर-37 अंडरपास, बोटेनिकल गार्डन और सेक्टर-100 समेत कई इलाकों में भारी जलभराव हुआ। जानें ड्रेनेज व्यवस्था और हादसों की पूरी रिपोर्ट।

बरौला गांव में स्कूल की छुट्टी के बाद एक मासूम बच्ची अपनी मां के साथ कमर से ऊपर तक भरे पानी से होकर घर लौटती दिखाई दी. जलभराव के कारण गांव की सड़कें पूरी तरह डूब गई थीं, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. यह तस्वीर सिर्फ जलभराव नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं की कमी और स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की मजबूरी को भी बयां करती है.

तेज बारिश के बाद नोएडा स्टेडियम स्थित रामलीला ग्राउंड पूरी तरह जलमग्न हो गया. मैदान में कई फीट तक पानी भर गया, जिससे पूरा परिसर किसी तालाब जैसा नजर आया. बारिश के बाद जल निकासी की व्यवस्था प्रभावी नहीं होने के कारण पानी लंबे समय तक जमा रहा. यह तस्वीर बताती है कि भारी बारिश के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर जलभराव रोकने के दावों की हकीकत क्या है.
सेक्टर-100 स्थित बोड़ा महादेव मंदिर के सामने बारिश का पानी इतना भर गया कि सड़क पर कई वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए. वाहन चालकों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा और कई लोगों को अपने वाहन धक्का लगाकर निकालने पड़े. सड़क पर जलभराव ने यातायात को भी बुरी तरह प्रभावित किया और लोगों का सफर मुश्किल बना दिया.
नोएडा के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल बोटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन के सामने भी भारी जलभराव देखने को मिला. सड़क पर कई फीट तक पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार थम गई और लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हुई. रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही वाले इस क्षेत्र में जलभराव ने शहर की ड्रेनेज व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए.
सेक्टर-37 अंडरपास तेज बारिश के बाद पूरी तरह पानी में डूब गया. अंडरपास से गुजरने वाले वाहन चालकों को रास्ता बदलना पड़ा, जबकि कुछ वाहन पानी में फंस गए. हर मानसून में इस अंडरपास में जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल सका है. बारिश के बाद यहां यातायात भी प्रभावित रहा.
नोएडा सेक्टर-57 लेबर चौक से सेक्टर-62 की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग हर साल की तरह इस बार भी बारिश के बाद जलमग्न हो गया. सड़क पर इतना पानी भर गया कि कई कारें और दोपहिया वाहन बीच रास्ते में फंस गए. लोगों को लंबा जाम और आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. यह मार्ग रोजाना हजारों लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन जल निकासी की व्यवस्था नाकाफी साबित हुई.
सदरपुर गांव में बारिश के बाद सड़कें और गलियां पानी से भर गईं. जलभराव के कारण लोगों को पैदल चलने से लेकर वाहन निकालने तक में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. कई जगह पानी लंबे समय तक जमा रहने से स्थानीय लोगों की परेशानी और बढ़ गई. गांव की यह तस्वीर विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर साफ दिखाती है.
भारी बारिश के दौरान सेक्टर-16 मेट्रो स्टेशन के पास सेक्टर-18 से सेक्टर-15 की ओर जाने वाली सड़क पर करीब 100 मीटर लंबा डिवाइडर भरभराकर गिर गया. हादसे में एक व्यक्ति घायल हो गया. घटना के बाद कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा. यह हादसा लगातार बारिश के बीच निर्माण गुणवत्ता और प्राधिकरण पर सवाल खड़े करती है.
तेज बारिश के बाद बरौला गांव में जलभराव इतना बढ़ गया कि स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों को कमर तक भरे पानी से होकर घर लौटना पड़ा. कई बच्चे कमर से ऊपर तक भरे पानी में पैदल चलते नजर आए. साथ ही कुछ पेरेंट्स अपने बच्चों को कंधों पर बैठाकर ले जाते हुए दिखे. जलभराव के कारण सड़कें पूरी तरह डूब गईं और आवागमन बेहद मुश्किल हो गया.
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