सीएम नायब सैनी से मिले सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों पर हुई चर्चा

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ के बीच संत कबीर कुटीर में अहम बैठक। अग्निवीरों के पुनर्वास, सुरक्षा और पूर्व सैनिकों के कल्याण पर चर्चा।

चंडीगढ़ : हरियाणा और भारतीय सेना के बीच सिविल-मिलिट्री समन्वय को और मजबूत करने की दिशा में मंगलवार को महत्वपूर्ण पहल सामने आई। भारतीय सेना के प्रमुख जनरल धीरज सेठ, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से उनके आवास संत कबीर कुटीर में मुलाकात की। दोनों के बीच हुई बैठक में राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ हरियाणा के युवाओं, अग्निवीरों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।

सेना प्रमुख बनने के बाद पहली मुलाकात

जनरल धीरज सेठ द्वारा भारतीय सेना प्रमुख का पदभार संभालने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ यह उनकी पहली मुलाकात थी। बैठक में पश्चिमी कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह, एवीएसएम, एसएम सहित सेना मुख्यालय और हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का समन्वय कर्नल जसदीप संधू, सलाहकार, सिविल-मिलिट्री अफेयर्स एवं आईटी द्वारा किया गया। बैठक को हरियाणा और सेना के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत संबंधों को और संस्थागत रूप देने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हरियाणा बड़ी संख्या में सैनिकों और पूर्व सैनिकों वाला राज्य है तथा सेना में प्रदेश के युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही है।

युवाओं और अग्निवीरों के लिए अवसरों पर जोर

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा का सशस्त्र बलों के साथ गहरा और गौरवपूर्ण जुड़ाव रहा है। राज्य सरकार सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और विकास के नए अवसर उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकता है।बैठक में अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसर तलाशने पर विशेष चर्चा हुई। सेना से सेवा पूरी करने वाले युवाओं के कौशल और अनुभव का उपयोग राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। इससे अग्निवीरों के पुनर्वास और उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में नई संभावनाएं खुल सकती हैं।

पूर्व सैनिकों के पुनर्वास पर भी मंथन

पूर्व सैनिकों के कल्याण और सेवानिवृत्ति के बाद उनके पुनर्वास को लेकर भी बातचीत हुई। जनरल धीरज सेठ ने पूर्व सैनिकों के लिए हरियाणा सरकार की ओर से दिए जा रहे सहयोग की सराहना करते हुए आभार जताया। साथ ही उन्होंने सेवानिवृत्त सैनिकों के लिए पुनर्वास और स्थायी बसाव के नए अवसर तलाशने की आवश्यकता पर बल दिया।
आवास परियोजनाओं और पूर्व सैनिकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने से जुड़े विषय भी चर्चा के केंद्र में रहे। दोनों पक्षों ने सैनिक परिवारों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए बेहतर समन्वय की जरूरत पर सहमति जताई।

आंतरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन भी एजेंडे में

बैठक में आंतरिक सुरक्षा, परिचालन तैयारियों और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में सेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने पर चर्चा की गई।
आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया, राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने तथा संभावित नुकसान को न्यूनतम करने के उपायों पर भी मंथन हुआ। इससे आपात परिस्थितियों में सेना और राज्य की मशीनरी के बीच समन्वित कार्रवाई को और मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

आत्मनिर्भरता और खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना

बैठक में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में चल रही पहलों और राज्य की संभावित भूमिका पर भी चर्चा हुई। हरियाणा में मौजूद औद्योगिक एवं मानव संसाधन क्षमता का उपयोग आत्मनिर्भरता से जुड़े प्रयासों में किए जाने की संभावनाओं पर विचार किया गया। इस दौरान भारतीय सेना में सेवारत हरियाणा के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की भी सराहना की गई। सेना और खेलों के क्षेत्र में हरियाणा की मजबूत उपस्थिति को राज्य के लिए गौरव का विषय बताया गया।

सुरक्षा के साथ कल्याण पर भी साझा दृष्टिकोण

मुख्यमंत्री और सेना प्रमुख की मुलाकात से यह संकेत मिला कि हरियाणा और भारतीय सेना के बीच संबंध अब केवल सुरक्षा और सैन्य मामलों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि युवा रोजगार, अग्निवीरों का भविष्य, पूर्व सैनिकों का पुनर्वास, आपदा प्रबंधन, खेल और आत्मनिर्भरता जैसे व्यापक क्षेत्रों में भी सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा। यह समन्वय प्रदेश के सैनिक परिवारों के कल्याण के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.