मुजेसर क्षेत्र में युवती से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में बड़ा फैसला, दोषियों को आजीवन कारावास
फरीदाबाद के मुजेसर में 2023 के युवती गैंगरेप व मर्डर केस में अदालत का फैसला। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने दोनों दोषियों को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई।
फरीदाबाद: मुजेसर थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 में युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी. मामले में अदालत ने करीब तीन साल चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फरीदाबाद पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई.
युवती का गैंगरेप और मर्डर मामले में दोषियों को सजा: पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि “ये मामला वर्ष 2023 का है, जब थाना मुजेसर क्षेत्र में एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई थी. वारदात के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से युवती के शव को फंदे पर लटका दिया गया था. मामले में पीड़िता के भाई की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी.”
क्राइम ब्रांच ने की मामले की जांच: मामले की गंभीरता और जघन्य प्रकृति को देखते हुए इसकी जांच क्राइम ब्रांच डीएलएफ, फरीदाबाद को सौंपी गई. क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच के दौरान भौतिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाए और दोनों आरोपियों को 27 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार कर लिया.
उत्तर प्रदेश के निवासी हैं दोनों दोषी: गिरफ्तार युवकों में एक की पहचान प्रहलाद के रूप में हुई, जो जिला मथुरा, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है. हाल ही में प्रहलाद किराए पर फरीदाबाद के मुजेसर गांव में रह रहा था. दूसरे की पहचान मुकेश के रूप में हुई. जो गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश का निवासी है. हाल में वो फरीदाबाद सेक्टर-7 में किराये के मकान में रह रहा था. जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने 29 जुलाई 2023 को अदालत में चालान पेश कर दिया. इसके बाद मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी. पुलिस ने इस केस को चिन्हित अपराध की श्रेणी में रखा और प्रत्येक सुनवाई के दौरान अदालत में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की.
25 लोगों की हुई गवाही: उप जिला न्यायवादी डॉक्टर रेखा जांगड़ा ने बताया कि “अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष कुल 25 गवाहों की गवाही दर्ज कराई गई. गवाहों के बयान, भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस की जांच के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अदालत में मामले की मजबूती से पैरवी की. करीब तीन साल चली सुनवाई के बाद अदालत ने 11 अगस्त 2026 को दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई.”