16 दिन से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, आईटीआई चौक पर पुलिस व प्रदर्शनकारियों में टकराव
16 दिन से जारी हड़ताल के बीच हिसार के आईटीआई चौक पर पुलिस और सफाई कर्मचारियों में तड़के धक्का-मुक्की। 36 हिरासत में।
हिसार: 16 दिन से सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं. जिसके चलते हिसार में कूड़े के ढेर लग गए. रविवार की रात पुलिस प्रशासन की टीम जेसीबी के जरिए कूड़ा उठाने गई. पता चलते ही सफाई कर्मचारी वहां पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया. देखते ही देखते रविवार तड़के आईटीआई चौक पर प्रशासन और प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई. प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी से जब सड़क किनारे जमा कूड़ा उठाने की कार्रवाई शुरू की, तब सफाई कर्मचारियों ने इसका विरोध किया और कूड़ा सड़क पर बिखेर दिया. हालात बिगड़ने पर पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया.
हिसार पुलिस और सफाई कर्मचारियों में टकराव: प्रशासन की टीम रविवार सुबह करीब चार बजे आईटीआई चौक पहुंची. पुलिस की सुरक्षा में जेसीबी के जरिए कूड़ा उठाने की कार्रवाई शुरू की गई. सफाई कर्मचारियों को इसकी जानकारी मिली तो बड़ी संख्या में कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया. विरोध के दौरान कर्मचारियों ने कूड़ा सड़क पर फैला दिया. कुछ कूड़ा पुलिस कर्मचारियों और सड़क की तरफ भी फेंका गया.
आईटीआई चौक पर कब्जा हटाने पहुंची थी पुलिस-प्रशासन की टीम: इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को हटाना शुरू किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव और धक्कामुक्की देखने को मिली. इसके बाद महिला कर्मचारियों और अन्य प्रदर्शनकारियों को हरियाणा रोडवेज की बसों में बैठाकर मौके से ले जाया गया. तीन दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.
महिला कर्मचारियों ने भी किया विरोध: कार्रवाई के दौरान महिला सफाई कर्मचारियों ने भी पुलिस और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए महिला पुलिस कर्मचारियों को मौके पर बुलाया गया. विरोध कर रही कुछ महिलाओं को पुलिस ने मौके से हटाकर बस में बैठा दिया. मौके पर पुलिस के आला अधिकारी भी मौजूद रहे. भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रशासन ने बाद में जेसीबी की मदद से कूड़ा उठाने की कार्रवाई पूरी की.
16 दिन से हड़ताल, सड़कों पर जमा था कूड़ा: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर में जगह-जगह कूड़ा जमा होने से स्थिति गंभीर होती जा रही थी. कर्मचारियों का कहना है कि 16 दिन से हड़ताल के बावजूद सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं कर रही है. उनका कहना है कि लगातार बारिश के मौसम में सड़कों पर जमा कूड़े से बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ रहा है. प्रशासन की ओर से कूड़ा उठाने की कार्रवाई को इसी समस्या से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों और पुलिस के बीच टकराव ने विवाद को और बढ़ा दिया.
‘सरकार पुलिस से कूड़ा उठवा रही है’: मौके पर मौजूद सफाई कर्मचारी सोनू ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “सरकार को अब पुलिस से कूड़ा उठवाने की नौबत आ गई है. जो पुलिस कर्मचारी लोगों की सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं, उनसे कूड़ा उठवाना उचित नहीं है. कर्मचारियों को करीब 8 से 9 हजार रुपये वेतन मिल रहा है और इतनी कम आमदनी में परिवार का गुजारा करना मुश्किल है. हमारी मांगों को लेकर कृष्ण बेदी और मंत्री स्तर पर बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला.”
‘मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा’: प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने पुलिस कार्रवाई पर भी नाराजगी जताई. उनका आरोप है कि कुछ कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है और प्रशासन का रवैया तानाशाहीपूर्ण है. कर्मचारियों ने कहा कि उन्होंने पुलिस से हाथ जोड़कर मौके से चले जाने का अनुरोध भी किया, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई की गई. कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा.
अब विवाद कूड़ा उठाने से आगे बढ़ा: हिसार में तड़के हुई यह कार्रवाई सिर्फ कूड़ा उठाने तक सीमित नहीं रही. 16 दिन से चल रही हड़ताल के बीच प्रशासन का जेसीबी और पुलिस बल के साथ पहुंचना और उसके बाद कर्मचारियों की हिरासत ने आंदोलन को नया मोड़ दे दिया है. एक तरफ प्रशासन के सामने शहर में जमा कूड़े को हटाने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ सफाई कर्मचारी अपनी मांगों पर सरकार से तत्काल निर्णय की मांग कर रहे हैं.