आजाद नगर फर्जी दस्तावेज प्लॉट धांधली में पटवारी प्रीतपाल सस्पेंड, डीसी ने दिए आदेश

आजाद नगर में फर्जी दस्तावेजों से प्लॉट हड़पने के मामले में डीसी डॉ. विवेक भारती ने पटवारी प्रीतपाल को सस्पेंड किया। जानें फर्जी वसीका और भू-माफिया का पूरा खेल।

टोहाना : आजाद नगर में फर्जी दस्तावेजों के जरिए प्लॉट हड़पने के चर्चित मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। डीसी डॉ. विवेक भारती ने एसडीएम आकाश शर्मा की जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी पटवारी प्रीतपाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

एसडीएम ने अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट 6 अगस्त को उपायुक्त फतेहाबाद को सौंपी थी। उसी रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर फतेहाबाद ने 24 अगस्त को हरियाणा सिविल सेवा दंड एवं अपील नियमावली 2016 के नियम 5(1) के तहत यह कार्रवाई की है।

यह पूरा मामला वार्ड-13, आजाद नगर निवासी सुबे सिंह की शिकायत से जुड़ा है। पीड़ित का आरोप है कि उसका प्लॉट खसरा नंबर 188//20/1/2-20/2 में स्थित है, लेकिन भू-माफिया गिरोह ने मिलीभगत कर खसरा नंबर 188//11 दिखाकर उसकी जमीन की तीन फर्जी वसीकाएं करा दीं। इनमें वसीका नं. 2255 दिनांक 19.08.2025, वसीका नं. 3444 दिनांक 10.12.2025 और वसीका नं. 34 दिनांक 06.04.2026 शामिल है।

जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। गिरोह ने सुखविंद्र सिंह नामक व्यक्ति को फर्जी ‘देवराज’ बनाकर खड़ा किया। उसके नाम के नकली आधार-पैन कार्ड बनवाए गए, बिना पहचान के फर्जी गवाह तैयार किए गए और बैंक चेक की बजाय नकद लेन-देन दिखाया गया। बाद में पारिवारिक रिश्ते का हवाला देकर जमीन भाई विक्रम के नाम डीड नं. 3444 से कराई और फिर तीसरे पक्ष सुमित रंगा को वसीका 34 के जरिए बेच दिया। एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में नांगला निवासी दीपक और पटवारी प्रीतपाल को इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड बताया है।

एसडीएम ने की थीं तीन सिफारिशें
रिपोर्ट में एसडीएम ने तीन बड़ी सिफारिशें की थीं। पहला – दीपक नांगला, पटवारी प्रीतपाल, फर्जी देवराज बने सुखविंद्र सिंह, जय प्रकाश, विक्रम सिंह, पार्षद पवन व अन्य सहयोगियों पर आपराधिक कार्रवाई हो। दूसरा – तीनों फर्जी वसीकाओं को रद्द करने के लिए मामला सिविल कोर्ट में भेजा जाए। तीसरा – पटवारी प्रीतपाल के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाए। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह गिरोह भू-माफिया की तरह संगठित अपराध कर रहा है।

डीसी ने ये आदेश दिए
निलंबन अवधि के दौरान पटवारी का मुख्यालय एसडीएम कार्यालय फतेहाबाद रहेगा और वह बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। इस दौरान नियम 83 के तहत उसे जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा, जिसके लिए उसे शपथ पत्र देना होगा कि वह कहीं अन्यत्र रोजगार में नहीं है। वहीं एसडीएम टोहाना को नियम 7 के तहत आरोप पत्र का मसौदा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

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