कौशांबी और प्रयागराज बॉर्डर पर पटाखा गोदाम उड़ा, भारी मात्रा में बारूद भंडारण की आशंका
उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पटाखा गोदाम में हुए भीषण ब्लास्ट में 10 लोगों की मौत, कई घायल। मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी।
उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पटाखा गोदाम में ब्लास्ट हो गया. ये धमाका इतना भीषण था कि इसमें 10 लोगों की मौत हो गई. वहीं, कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. मामला कौशांबीऔर प्रयागराज बॉर्डर पर थाना पिपरी और पूरामुफ्ती क्षेत्र की सीमा के पास आदित्य नाम से संचालित बताए जा रहे पटाखा गोदाम है. सोमवार सुबह करीब 11 बजे यहां भीषण विस्फोट होने से इलाके में हड़कंप मच गया.
धमाके की चपेट में आकर आसपास के कई मकानों के क्षतिग्रस्त अथवा ध्वस्त होने की सूचना है. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने में जुटे हैं. फिलहाल प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है.
दोनों जिलों के अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और राहत एवं बचाव कार्य जारी है. आसपास के गांवों के लोग भी मौके पर पहुंच गए हैं और मलबा हटाने में मदद कर रहे हैं. जहां विस्फोट हुआ है, वहां कई घर जमींदोज हो चुके हैं. मलबा हटाकर दबे हुए लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है.
बताया जा रहा है कि विस्फोट वाली जगह पर अभी भी पटाखे फट रहे हैं, जिसके कारण लोग आसपास नहीं जा पा रहे हैं. दमकल की गाड़ियां भी मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम कर रही हैं. कौशांबी जिले के डीएम और एसपी भी मौके पर पहुंच चुके हैं. कई थानों की पुलिस फोर्स भी घटनास्थल पर मौजूद है.
इस हादसे में दर्जन भर से अधिक लोगों के झुलसने और मलबे में दबने की सूचना है. 7 लोगों की मौत की भी खबर सामने आ रही है, लेकिन अभी तक किसी अधिकारी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. फिलहाल राहत और बचाव कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है.
जानकारी के अनुसार, लाइसेंस में 10 किलो से अधिक बारूद रखने की अनुमति नहीं होती है. लेकिन इतना बड़ा विस्फोट होने से आशंका जताई जा रही है कि यहां भारी मात्रा में, संभवतः कुंतलों में बारूद रखा गया था. यदि गांव के पास इस तरह पटाखा फैक्ट्री या गोदाम संचालित किया जा रहा था तो यह गंभीर जांच का विषय है.
विस्फोट इतना तेज था कि करीब 2 किलोमीटर तक इसकी गूंज सुनाई पड़ी. धमाके की आवाज सुनकर लोग जहां थे, वहीं सहम गए. फिलहाल पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों की टीमें मामले की जांच में जुट गई हैं.
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने बड़े स्तर पर पटाखों और बारूद का भंडारण किसकी अनुमति से किया जा रहा था और इस भीषण हादसे का जिम्मेदार कौन होगा? घायलों और मृतकों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. फिलहाल मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है.