9 करोड़ की लागत से तैयार आईटीआई का नया भवन खाली, पानी और सीवर कनेक्शन न होने से अटकी शिफ्टिंग

फरीदाबाद में 9 करोड़ से बनी आईटीआई की नई इमारत बुनियादी सुविधाओं के अभाव में शुरू नहीं हो पाई है। छात्र परेशान।

फरीदाबाद: फरीदाबाद की औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई नई इमारत करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अभी तक शुरू नहीं हो सकी है. भवन तैयार होने के बाद भी पानी और सीवर जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण इसका औपचारिक हैंडओवर आईटीआई प्रबंधन को नहीं किया गया है. इसका सीधा असर यहां प्रशिक्षण ले रहे 900 से अधिक विद्यार्थियों पर पड़ रहा है, जिन्हें मजबूरी में पुराने और जर्जर भवन में ही पढ़ाई करनी पड़ रही है.

सात करोड़ से शुरू हुआ प्रोजेक्ट: आईटीआई के नए भवन का निर्माण वर्ष 2019 में शुरू किया गया था. शुरुआत में इस परियोजना के लिए करीब सात करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था. हालांकि कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान निर्माण कार्य प्रभावित हुआ, जिससे परियोजना की रफ्तार धीमी पड़ गई. बाद में काम दोबारा शुरू हुआ, लेकिन बढ़ती लागत के कारण बजट में भी इजाफा करना पड़ा. अब तक भवन के निर्माण पर करीब नौ करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं.

2022 के आसपास पूरा होना था काम: नई इमारत के निर्माण को वर्ष 2022 के आसपास पूरा कर उपयोग में लाने का लक्ष्य रखा गया था. लेकिन ये इमारत साल 2025 में बनकर तैयार हुई. निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद भवन विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध नहीं हो पाया. सबसे बड़ी समस्या पानी और सीवर कनेक्शन की बताई जा रही है. इसके अलावा निरीक्षण के दौरान सामने आई निर्माण संबंधी कमियों को भी अभी दुरुस्त किया जा रहा है. ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार भवन लंबे समय से विद्यार्थियों के उपयोग का इंतजार कर रहा है.

निरीक्षण में सामने आईं निर्माण संबंधी कई कमियां:कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. सुमित सहारावत ने 19 मई को नई इमारत का निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण से जुड़ी कई खामियां सामने आई थीं. बताया गया कि लिफ्ट लॉबी निर्धारित डिजाइन के अनुरूप नहीं बनी थी, जबकि वर्कशॉप में ड्राइंग के अनुसार अलमारियां नहीं मिलीं. निरीक्षण के दौरान शौचालयों में लगाए गए वॉशबेसिन की ऊंचाई भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई. इसके अलावा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सीढ़ियों, खिड़कियों के स्लैब और आंगन में लगाई गई टाइल्स से संबंधित कमियां भी दर्ज की गईं. पावर वायरिंग के साथ पानी और सीवर कनेक्शन का मुद्दा भी निरीक्षण में प्रमुख रूप से सामने आया था.

नई इमारत तैयार, लेकिन पुराने भवन में चल रही पढ़ाई: नई बिल्डिंग का इस्तेमाल शुरू न होने से आईटीआई के 900 से अधिक विद्यार्थियों को अभी भी पुराने भवन में प्रशिक्षण लेना पड़ रहा है. पुराने भवन की हालत काफी खराब बताई जा रही है. कई कमरों की छत और दीवारों का प्लास्टर क्षतिग्रस्त है. बारिश के दौरान छतों से पानी टपकने की समस्या भी लगातार सामने आती है. इससे विद्यार्थियों और स्टाफ की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.

बारिश में छत से गिरा प्लास्टर, बड़ा हादसा टला: हाल ही में बारिश के दौरान स्टाफ रूम की छत से प्लास्टर गिरने की घटना भी सामने आई थी. राहत की बात यह रही कि उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया. विद्यार्थियों का कहना है कि कई कमरों की स्थिति इतनी खराब है कि वहां बैठकर पढ़ाई करने में असुरक्षा महसूस होती है. आईटीआई में करीब 21 ट्रेड संचालित होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र प्रतिदिन यहां प्रशिक्षण लेने पहुंचते हैं.

पुरानी बिल्डिंग की टपकती हैं छतें: आईटीआई की देखरेख करने वाले चौकीदार जगत सिंह ने नई और पुरानी इमारत की स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि, “नई बिल्डिंग लगभग चार से पांच महीने पहले तैयार हो गई थी, लेकिन अभी तक छात्रों को उसमें शिफ्ट नहीं किया गया है. छात्र पुरानी बिल्डिंग में ही पढ़ रहे हैं, जिसकी हालत बहुत खराब है. पुरानी बिल्डिंग की छतें टपकती हैं और कई बार छतों से मलबा भी गिर जाता है. बारिश के मौसम में यहां पानी जमा हो जाता है, जिससे काफी परेशानी होती है. हमें भी डर रहता है कि कहीं कोई बड़ा हादसा न हो जाए.नई बिल्डिंग में पानी और सीवरेज सिस्टम नहीं होने की वजह से बच्चों को वहां नहीं भेजा गया है. जब तक जरूरी सुविधाएं शुरू नहीं होतीं, भवन का इस्तेमाल करना मुश्किल है.”

करोड़ों खर्च के बाद भी नई बिल्डिंग का इंतजार: आईटीआई के विद्यार्थियों का कहना है कि जब सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर नया भवन तैयार कराया है तो उसे जल्द से जल्द उपयोग में लाया जाना चाहिए. छात्रों के अनुसार पुरानी इमारत में बारिश के समय सबसे ज्यादा परेशानी होती है. जर्जर छतों और खराब कमरों के कारण पढ़ाई का माहौल भी प्रभावित होता है. विद्यार्थियों ने मांग की है कि सभी जरूरी सुविधाएं जल्द पूरी कर उन्हें सुरक्षित नई इमारत में शिफ्ट किया जाए.

अधिकारियों ने दिया भरोसा: वहीं, इस बारे में लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रकाश लाल ने बताया कि, “पानी और सीवर कनेक्शन की व्यवस्था जल्द पूरी करने की प्रक्रिया चल रही है. पानी और सीवर कनेक्शन कराने के लिए करीब एक सप्ताह का लक्ष्य रखा गया है. निरीक्षण के दौरान जो अन्य कमियां सामने आई थीं, उन्हें भी ठीक कराया जा रहा है. आवश्यक कार्य पूरे होने के बाद नई इमारत को औपचारिक रूप से आईटीआई प्रबंधन को सौंप दिया जाएगा.”

नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले भवन मिलने की उम्मीद: आईटीआई के प्रधानाचार्य एवं नोडल अधिकारी भगत सिंह ने कहा कि, “दाखिला प्रक्रिया अंतिम चरण में है और नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने वाला है. दाखिला प्रक्रिया लगभग अंतिम दौर में है. यदि नई इमारत समय पर उपलब्ध नहीं होती है तो कक्षाओं के संचालन में अतिरिक्त दिक्कतें आ सकती हैं. अत्यधिक खराब स्थिति वाले कमरों में कक्षाएं नहीं लगाई जा रही हैं. विद्यार्थियों की सुरक्षा हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है.”

नई इमारत में छात्र कब होंगे शिफ्ट?: फरीदाबाद आईटीआई की नई इमारत पर करीब नौ करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं और भवन तैयार भी बताया जा रहा है. इसके बावजूद पानी, सीवर और अन्य तकनीकी कमियों के कारण विद्यार्थी पुरानी जर्जर इमारत में पढ़ाई करने को मजबूर हैं. अधिकारियों ने जल्द सुविधाएं पूरी कर भवन सौंपने का भरोसा दिया है. अब विद्यार्थियों और अभिभावकों की नजर इस बात पर टिकी है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले आखिर नई इमारत का दरवाजा छात्रों के लिए कब खुलेगा.

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