हरियाणा के पीडीएम डेंटल कॉलेज पर एनडीसी का बड़ा एक्शन, 5 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना भी बकाया

नेशनल डेंटल कमीशन ने रद्द की पीडीएम डेंटल कॉलेज की मान्यता। छात्रों को अन्य कॉलेजों में किया जाएगा समायोजित।

चंडीगढ़ : बहादुरगढ़ स्थित पीडीएम डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट की मान्यता रद्द कर दी गई है। नेशनल डेंटल कमीशन (एनडीसी) की ओर से जारी आदेश में कॉलेज बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। यहां पढ़ रहे बीडीएस और एमडीएस विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए उन्हें हरियाणा के अन्य मान्यता प्राप्त डेंटल कॉलेजों में समायोजित किया जाएगा।

केंद्र सरकार के फैसले के बाद हरियाणा के चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग ने भी कॉलेज के संचालन के लिए जारी एनओसी वापस ले ली है। विद्यार्थियों को दूसरे कॉलेजों में समायोजित करने के लिए पंडित बीडी शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, रोहतक में ऑफलाइन काउंसलिंग कराई जाएगी। काउंसलिंग की तारीख और विस्तृत कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा।

पीडीएम डेंटल कॉलेज की शुरुआत वर्ष 2006-07 में हुई थी और वर्ष 2011 में इसे केंद्र सरकार से मान्यता मिली थी। बाद में यह अलग-अलग विश्वविद्यालयों से संबद्ध रहा। कॉलेज के खिलाफ वर्ष 2020 में वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित शिकायत भी सामने आई थी।

सितंबर 2025 में किए गए संयुक्त निरीक्षण में कॉलेज के इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी, अस्पताल सुविधाओं, प्रयोगशालाओं, लाइब्रेरी और हॉस्टल से जुड़ी कई कमियां पाई गईं। कॉलेज को कमियां दूर करने के लिए सुधार योजना प्रस्तुत करने के कई अवसर दिए गए, लेकिन निर्धारित समय में कोई जवाब नहीं दिया गया। मानकों को पूरा नहीं करने पर डेंटल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड ने कॉलेज पर 5 करोड़ 10 लाख 90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। यह राशि भी अब तक जमा नहीं कराई गई है।

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