Ghaziabad Khoda Police Chowki Self Immolation: दबंगों की प्रताड़ना और पुलिस की लापरवाही से आहत युवक ने किया आत्मदाह का प्रयास
गाजियाबाद के खोड़ा में पुलिस की निष्क्रियता से परेशान युवक ने पुलिस चौकी के बाहर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर किया आत्मदाह का प्रयास।
गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में दबंगों की मारपीट और पुलिस के कार्रवाई न करने से आहत युवक ने बुधवार रात पुलिस चौकी के बाहर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद लोगों ने युवक को बचाया। गंभीर हालत में उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित से तहरीर लेकर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
मूलरूप से पूर्णिया (बिहार) का रहना वाला 18 साल का इरफान उर्फ मोनू वंदना विहार कॉलोनी में मां और छोटे भाई के साथ रहता है। मोनू ने बताया कि वंदना विहार में रहने वाले तीन भाई संजय यादव, सोनी यादव और शेरपाल यादव आठ सितंबर की देर शाम उसे घर के पास से स्कूटी पर बैठाकर अपने साथ ले गए। तीनों मोनू को अपने पानी के प्लांट पर ले गए और वहां उसके साथ मारपीट की। पड़ोसी इमरान ने उसके भाई को सूचना दी। इसके बाद दोनों मोनू को पुलिस चौकी ले गए।
आरोप है कि पुलिस चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मियों शिकायत तक लेने से इनकार कर दिया। थाने पहुंचे तो यहां भी खुद ही मेडिकल कराने की बात कहकर भगा दिया। मोनू के मुताबिक पुलिस ने बुधवार की शाम नेहरू गार्डन पुलिस चौकी बुलाया था। चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने मोनू पर दबंगों से समझौता करने का दबाव बनाया, जिससे मोनू न इनकार कर दिया। मोनू यह कहते हुए चौकी से बाहर आ गया कि वह दबंगों के हाथों नहीं मरेगा, वह खुद ही अपनी जान ले लेगा। मोनू ने चौकी से बाहर आकर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली।
भाकियू गजय के प्रदेश अध्यक्ष अनीस पांडे ने आरोप लगाया कि पुलिस की दबंगों से साठगांठ के चलते ही कार्यकर्ता को आत्मदाह के लिए विवश होना पड़ा। वहीं कार्यवाहक एसीपी इंदिरापुरम अमित सक्सेना ने बताया कि तहरीर पर सोनी, संजय, शेरपाल, सूरज, प्रिंस, आकाश, दीपक, शिवा, सोनू, विवेक, संदीप, पंकज और रौनक व 10 के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
आरोपी भाइयों का पानी का प्लांट है और क्षेत्र में ट्रैक्टर से टैंकर के जरिए आपूर्ति करते हैं। वंदना विहार में शेरपाल की दुकान को किराए पर लेकर जैद सिद्दीकी हार्डवेयर का काम करते थे। दुकान के आगे ट्रैक्टर खड़ा करने को लेकर दो माह पहले जैद का विवाद हुआ। आरोप है कि तीनों ने जैद को पीटा और उनकी दुकान बंद कर दी। भाकियू गजय ने थाने पर प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने दुकान खुलवाकर सामान दुकान से निकलवा दिया था। इसमें धरने में मोनू भी पहुंचा था। इससे तीनों रंजिश मानने लगे थे।
ट्रांस हिंडन जोन के प्रभारी पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल ने कहा कि कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस पर लगाए गए आरोपों की जांच सहायक पुलिस आयुक्त को सौंपी है। रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।