नमो सिटी के लिए जमीन देने को तैयार नहीं किसान, 6355 एकड़ भूमि की है जरूरत

बहादुरगढ़ में मास्टर प्लान के तहत प्रस्तावित नमो सिटी और सेक्टरों के लिए जमीन अधिग्रहण पर फंसा पेंच। किसानों ने की अधिक मुआवजे की मांग।

बहादुरगढ़ :  मास्टर प्लान-2041 के तहत प्रस्तावित 29 सेक्टरों के विकास के लिए करीब 6355 एकड़ जमीन की जरूरत है लेकिन किसान इन सेक्टरों के लिए भी जमीन देने को तैयार नहीं हुए थे। सिर्फ 130 एकड़ जमीन का ही पंजीकरण हो सका था। एचएसवीपी ने ई-भूमि पोर्टल के जरिए किसानों से स्वेच्छा से जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन अधिकांश किसान तैयार नहीं हुए। सांखोल, सराय और सादपुर समेत 15 गांवों की जमीन प्रस्तावित थी। बाजार भाव बढ़ने से किसान सरकारी दर पर जमीन देने को तैयार नहीं और कई किसानों ने प्रति एकड़ 10 करोड़ रुपये तक की मांग रखी थी।

एचएसवीपी ने ई-भूमि पोर्टल पर किसानों से 30 अक्तूबर तक जमीन देने की स्वीकृति मांगी है। सहमति मिलने पर सरकार नियमानुसार जमीन की खरीद शुरू करेगी। नमो सिटी में रिहायशी, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे। इसका उद्देश्य आवास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और मनोरंजन जैसी सुविधाएं देना है।

शहर में विश्वस्तरीय विद्यालय और अस्पताल बनेंगे। पार्क और खरीदारी केंद्र जैसी सुविधाएं भी होंगी। परिवहन ढांचा ऐसा होगा जिससे 30 मिनट में जन परिवहन तक पहुंच मिल सके। नमो सिटी को नमो भारत क्षेत्रीय रेल परिवहन व्यवस्था से जोड़ने की योजना है। बुनियादी ढांचा सरकार तैयार करेगी, जबकि शहर के विकास में निवेशकों की भागीदारी होगी। केंद्र सरकार ने नए शहरों की शुरुआती जरूरतों के लिए पांच हजार करोड़ की सहायता का प्रावधान है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान सरकारें संभावित स्थानों के प्रस्ताव भेजेंगी।

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