मूर्तिकार लाला राम और परिवार दिन-रात दे रहे प्रतिमाओं को अंतिम रूप, छोटी मूर्तियों का बढ़ा क्रेज
सिरसा में गणेशोत्सव की तैयारियां शुरू। मूर्तिकार लाला राम ने मिट्टी से बनी इको-फ्रेंडली और आकर्षक मूर्तियों को दिया अंतिम रूप।
सिरसाः त्योहारों का सीजन शुरू हो गया है. 2 माह के भीतर गणेश चतुर्थी, दशहरा, दिवाली जैसे बड़े त्यौहार है तो ऐसे में भगवान की मूर्तियों के बनाने और बेचने का सीजन भी शुरू हो जाता है. हालांकि यह सीजन पूरे साल भर ही रहता है. गणेश चतुर्थी के पावन पर्व को लेकर सिरसा शहर में मूर्ति कलाकारों की व्यस्तता इन दिनों चरम पर है. शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मूर्तिकार दिन-रात मेहनत कर भगवान गणेश की आकर्षक प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं. गणेश उत्सव नजदीक आते ही श्रद्धालुओं द्वारा प्रतिमाओं की खरीदारी और बुकिंग भी तेज हो गई है.
छोटी और मध्यम आकार की गणेश प्रतिमाओं की डिमांड बढ़ीः मूर्तिकार लाला राम अपने पूरे परिवार के साथ भगवान की मूर्ति बनाने में व्यस्त रहते हैं. लाला की पत्नी लक्ष्मी और उसके रिश्तेदार भी इस काम में उसका खूब हाथ बंटाते हैं. लाला राम पहले अपने पिता के साथ इस काम को सीखता था और पिता की मौत के बाद उसने ही भगवान की मूर्ति बनाने का बीड़ा उठाना शुरू कर दिया है. लाला राम का कहना है कि इस वर्ष छोटी और मध्यम आकार की गणेश प्रतिमाओं की मांग अधिक है.
पर्यावरण अनुकूल प्रतिमाओं की मांग बढ़ीः श्रद्धालु विशेष रूप से मिट्टी से बनी पर्यावरण अनुकूल प्रतिमाओं को पसंद कर रहे हैं. पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते प्लास्टिक और प्लास्टर ऑफ पेरिस के बजाय मिट्टी की प्रतिमाओं की बिक्री में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. सिरसा में मारवाड़ राजस्थान से आए शिल्पकार प्रतिमाओं को आकर्षक बनाने के लिए पारंपरिक स्वरूप के साथ-साथ नए डिजाइन भी तैयार कर रहे हैं. रंग-बिरंगे मुकुट, आकर्षक आभूषण और विशेष सजावट वाली प्रतिमाएं श्रद्धालुओं को खूब लुभा रही हैं. इस बार पगड़ीधारी गणपति की प्रतिमाओं का डिमांड काफी ज्यादा है.
‘गणेश चतुर्थी आस्था और कला का संगम है’: मूर्तिकार लक्ष्मी और लाला राम का कहना है कि “गणेश चतुर्थी उनके लिए केवल रोजगार का साधन नहीं बल्कि आस्था और कला का संगम है. प्रतिमा निर्माण में कई सप्ताह की मेहनत लगती है और कलाकार हर छोटी-बड़ी बारीकी पर विशेष ध्यान देते हैं. देशभर में गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का कार्य तेजी से चल रहा है और कलाकारों में उत्साह का माहौल है.”