शशिधर जगदीशन के बाद कौन संभालेगा कमान? रेस में बचे हैं ये दो दिग्गज नाम

एचडीएफसी बैंक के अगले एमडी और सीईओ पद के लिए कैजाद भरूचा और अनूप बागची के बीच कड़ी टक्कर। जानिए पूरी खबर।

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी (HDFC Bank) के अगले एमडी व सीईओ की तलाश अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुकी है. मौजूदा बॉस शशिधर जगदीशन का दूसरा कार्यकाल अक्टूबर 2026 में खत्म हो रहा है. उन्होंने साफ कर दिया है कि वह इस पद पर आगे काम नहीं करना चाहते. बोर्ड ने उन्हें अपना फैसला बदलने के लिए काफी मनाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी. अब बैंक नए नेतृत्व की तलाश में पूरी तरह से आगे बढ़ चुका है. सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बड़ी कुर्सी के लिए अब सिर्फ दो नामों के बीच कड़ा मुकाबला बचा है.

जगदीशन का फैसला बढ़ाएगा बैंक की टेंशन

इन दो दिग्गजों में पहला नाम बैंक के ही मौजूदा डिप्टी एमडी कैजाद एम. भरूचा का है. दूसरे बड़े दावेदार आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ (ICICI Prudential Life) के एमडी व सीईओ अनूप बागची हैं. भरूचा बैंक के अंदरूनी उम्मीदवार हैं, जबकि बागची को बाहरी विकल्प के तौर पर शॉर्टलिस्ट किया गया है. खबर लिखे जाने तक दोनों पक्षों की तरफ से इस बड़े बदलाव पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. देश के सबसे बड़े लेंडर का मुखिया कौन होगा, ये सवाल अब बैंकिंग सेक्टर का सबसे बड़ा सस्पेंस बन गया है.

कैजाद भरूचा की राह में आरबीआई का नियम

कैजाद भरूचा साल 1995 से ही बैंक के साथ लगातार जुड़े हुए हैं. उन्हें कुल 35 सालों का लंबा बैंकिंग अनुभव है. वह 2014 से बोर्ड में होल-टाइम डायरेक्टर की अहम भूमिका निभा रहे हैं. पिछले साल अप्रैल में उन्हें प्रमोट करके डिप्टी एमडी की जिम्मेदारी दी गई थी. उन्होंने कॉरपोरेट से लेकर रिटेल एसेट्स तक, बैंक का हर कोना बहुत करीब से देखा है. अगर बैंक उन्हें कमान सौंपता है, तो कामकाज में निरंतरता बनी रहेगी.

हालांकि उनके सामने एक बड़ी तकनीकी चुनौती खड़ी है. वह 13 साल से ज्यादा समय से बोर्ड में होल-टाइम डायरेक्टर हैं. रिजर्व बैंक (RBI) के कड़े नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति इस पद पर अधिकतम 15 साल तक ही रह सकता है, जिसमें एमडी व सीईओ का पद भी शामिल है. ऐसे में भरूचा अगर सीईओ बनते हैं, तो उनका कार्यकाल 2029 तक ही रहेगा. यानी उन्हें सिर्फ तीन साल का ही वक्त मिलेगा. अगर बैंक उन्हें पूरा कार्यकाल देना चाहता है, तो इसके लिए सीधे आरबीआई से खास छूट मांगनी पड़ेगी.

बाहरी दावेदार के रूप में मजबूत हैं बागची

इस रेस में दूसरे नंबर पर मौजूद अनूप बागची भी कोई साधारण नाम नहीं हैं. उनके पास बैंकिंग, कैपिटल मार्केट, इंश्योरेंस जैसे अहम सेक्टर्स का 30 साल से ज्यादा का शानदार अनुभव है. वह आईसीआईसीआई ग्रुप के पुराने अधिकारियों की लिस्ट में आते हैं. वह इससे पहले आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के एमडी व सीईओ भी रह चुके हैं. इसके अलावा वह आईसीआईसीआई बैंक के बोर्ड में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की कुर्सी भी संभाल चुके हैं.

बागची को रिटेल, एमएसएमई, कॉरपोरेट बैंकिंग से लेकर क्रेडिट पॉलिसी तक की बहुत गहरी समझ है. उनका यही विविधता भरा तगड़ा अनुभव उन्हें एचडीएफसी बैंक के लिए एक बेहद मजबूत बाहरी उम्मीदवार बनाता है.

अंतिम फैसले पर टिकी निवेशकों की निगाहें

नए बॉस का चुनाव सिर्फ एचडीएफसी बैंक का बोर्ड अकेले नहीं कर सकता. इसमें आरबीआई की अंतिम मंजूरी सबसे ज्यादा मायने रखेगी. एक तरफ कैजाद भरूचा हैं जो बैंक की रग-रग से वाकिफ हैं. दूसरी तरफ अनूप बागची हैं जिनका बाहरी व व्यापक अनुभव बैंक को एक बिल्कुल नया नजरिया दे सकता है. अब देखना ये है कि बोर्ड आखिर किस पर अपना भरोसा जताता है. शेयर बाजार के जानकारों से लेकर निवेशकों तक की नजरें इस फैसले पर टिकी हैं. नए बॉस के नाम का ऐलान बैंक के शेयरों के लिए आने वाले समय में एक बड़ा ट्रिगर साबित हो सकता है.

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