गाजियाबाद और दिल्ली तक पहुंचेगी ग्रीन एनर्जी, कॉरिडोर की 60% बिजली जरूरत होगी पूरी
नमो भारत कॉरिडोर को मिलेगी सौर ऊर्जा की ताकत। जालौन में सोलर प्लांट बनेगा, 60% बिजली जरूरत होगी पूरी।
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद में सोलर प्लांट लगाने की मंजूरी मिल गई है। सोलर प्लांट में बनने वाली बिजली ग्रिड से गाजियाबाद और दिल्ली में एनसीआरटीसी के रिसीविंग सब-स्टेशन तक पहुंचाई जाएगी। यह परियोजना ढाई साल में पूरी होगी।
एनआईआरएल एनसीआरटीसी रिन्यूएबल्स लिमिटेड इस सोलर प्लांट को विकसित करेगा। प्लांट में पैदा होने वाली बिजली ग्रिड से सीधे गाजियाबाद और दिल्ली स्थित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम के (एनसीआरटीसी) के रिसीविंग सब-स्टेशन तक पहुंचाई जाएगी, जहां से इसे नमो भारत कॉरिडोर में वितरित किया जाएगा।
अनुमान है कि इससे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की बिजली आवश्यकता का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा पूरा होगा। फिलहाल सौर ऊर्जा का इस्तेमाल डिपो, सभी स्टेशन और कॉरिडोर पर किया जाएगा। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया यह प्लांट वर्ष 2028 के आखिरी तक पूरा होगा। इसके बाद सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाने लगेगा।
सोलर ऑन ट्रैक की नई योजना शुरू
एनसीआरटीसी ने दुहाई स्थित नमो भारत डिपो में सोलर ऑन ट्रैक की नई योजना की शुरुआत की है। यहां नमो भारत की पटरियों पर सोलर पैनल लगाए हैं। इसे पायलट योजना के तहत दुहाई स्थित नमो भारत डिपो में पिट व्हील ट्रैक पर सोलर पैनल्स लगाए हैं। यहां लगभग 70 मीटर लंबे ट्रैक पर 550 वॉट पीक के 28 सोलर पैनल लगे हैं, जिनकी कुल संयंत्र क्षमता 15.4 किलोवाट पीक है । अनुमान है कि एक साल में लगभग 17,500 किलोवाट बिजली पैदा होगी।
ट्रेन भी सौर ऊर्जा से चलाने की तैयारी की जा रही
सूत्रों ने बताया कि सौर ऊर्जा से नमो भारत ट्रेन चलाने की भी भविष्य में योजना है। इस योजना पर काम किया जा रहा है। हालांकि, इसे लागू करने में समय लग सकता है।
रूफटॉप सोलर पावर प्लांट पहले से ही लगे
वर्तमान में नमो भारत और मेरठ मेट्रो स्टेशनों को मिलाकर कॉरिडोर के 10 स्टेशन पर रूफटॉप सोलर पावर प्लांट पहले ही लगाए जा चुके हैं। इनमें साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, दुहाई डिपो स्टेशन, मुरादनगर, मोदीनगर नॉर्थ, मोदीनगर साउथ, शताब्दी नगर तथा मेरठ साउथ स्टेशन शामिल हैं। साथ ही छह अन्य स्टेशनों पर भी रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं।
दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर कितने स्टेशन
सराय काले खां (दिल्ली), न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, दुहाई डिपो, मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नॉर्थ, मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल, मोदीपुरम, मोदीपुरम डिपो,
नमो भारत नेटवर्क वर्ल्ड-क्लास कम्यूटर ट्रांजिट सर्विस देता है, जो सुरक्षित है और 160 किमी/घंटा की तेज रफ्तार और अधिक फ्रीक्वेंसी के साथ यात्रियों के सफर को आरामदायक बनाती है।