एशियन गेम्स में भारतीय मिक्स्ड रिले टीम ने जीता सिल्वर, 4x400m रेस में किया कमाल

एशियन गेम्स के पांचवें दिन भारतीय मिक्स्ड रिले टीम ने 4x400m रेस में जीता सिल्वर मेडल। जानिए खिलाड़ियों के संघर्ष की कहानी।

एशियन गेम्स 2026 का पांचवां दिन भारत के लिए खुशखबरी के साथ खत्म हुआ. एथलेटिक्स में भारतीय मिक्स्ड रिले टीम ने कमाल प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया. 4x400m रिले रेस में भारत को पूवम्मा मचेत्तिरा , विशाल थेन्नारासु, विथ्या रामराज और मनु थेकिन्नालिल ने मेडल जिताया.

ऐसे जीती रिले टीम

एशियन गेम्स में रिले रेस के फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों ने वियतनाम के खिलाड़ियों को पीछे कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया. गोल्ड मेडल बहरीन ने जीता जिनके खिलाड़ियों ने 3:12.87 मिनट में रेस पूरी की. भारतीय खिलाड़ियों ने 3:14.46 मिनट में दौड़ पूरी कर सिल्वर जीता. वियतनाम की टीम 3:14.54 मिनट में रेस पूरी कर पाई.

विथ्या रामराज हैं ट्रक ड्राइवर की बेटी

भारत को सिल्वर मेडल जिताने में अहम भूमिका अदा करनी वालीं विथ्या रामराज बेहद गरीब परिवार की लड़की हैं. उनके पिता ट्रक ड्राइवर हैं. उनकी जुड़वा बहन नित्या भी एथलीट हैं. विथ्या शुरुआत में हॉकी खेलती थीं लेकिन बाद में उन्होंने एथलेटिक्स को चुना. साल 2023 में इस खिलाड़ी ने 200m hurdles में 55.42 सेकंड का समय निकालकर पी.टी. उषा के 1984 के नेशनल रिकॉर्ड की बराबरी की.

विशाल थेन्नारासु का संघर्ष

विशाल थेन्नारासु ने की बात करें तो इस खिलाड़ी का बचपन की संघर्ष में बीता था. इस खिलाड़ी के दोनों पैरों के घुटने आपस में जुड़ते थे और उन्हें चलने में भी परेशानी होती थी. उनके पिता डेयरी किसान थे. अपने बेटे के पैरों की समस्या को खत्म करने के लिए उन्होंने स्टेडियम जॉइन किया. आगे चलकर विशाल एथलेटिक्स में आए और इसी साल मई में उन्होंने 400 मीटर रेस 44.98 सेकेंड में पूरी कर बड़ा कमाल किया. अब उन्होंने एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जिताने में अहम भूमिका अदा की है.

पूवम्मा का चोट से संघर्ष

पूवम्मा का भी करियर चोटों से भरा हुआ रहा है. साल 2012 में उन्हें गंभीर चोट का सामना करना पड़ा था लेकिन वापसी कर उन्होंने 2014 एशियन गेम्स में 4×400 मीटर रिले का गोल्ड मेडल जीता और 2015 में वो अर्जुन पुरस्कार भी जीतीं. अब इस खिलाड़ी ने एशियन गेम्स में एक बार फिर भारत का नाम रोशन किया है.

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